स्टॉक मार्केट में सिम्का एडवर्टाइजिंग की जबरदस्त गिरावट के साथ एंट्री, नुकसान में रहे आईपीओ निवेशक

युगवार्ता    15-May-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 15 मई (हि.स.)। एडवर्टाइजिंग सर्विस देने वाली कंपनी सिम्का एडवर्टाइजिंग के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जबरदस्त डिस्काउंट के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 183 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 15 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 156 के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण ये शेयर टूट 148.20 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक गिर गया। इसके बाद में खरीदारों ने लिवाली का जोर बनाया, जिससे ये शेयर उछल कर 163.80 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक भी पहुंचा। हालांकि इसके बाद एक बार फिर बिकवाली शुरू हो जाने के कारण इस शेयर का अपर सर्किट भी ब्रेक हो गया। दोपहर एक बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 162.95 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार के बाद कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 20.05 रुपये यानी 10.96 प्रतिशत के नुकसान में थे।

सिम्का एडवर्टाइजिंग का 58.04 करोड़ रुपये का आईपीओ आठ से 12 मई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जोरदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 80.88 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 101.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 81.54 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 70.90 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 31,71,600 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी एलईडी स्क्रीन खरीदने और उनका इन्स्टॉलेशन करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.57 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5.78 करोड़ रुपये हो गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी शुद्ध लाभ उछल कर 9.98 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 10.68 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 11.96 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 49.31 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 75.09 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 78.16 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था। कंपनी पर फिलहाल कोई कर्ज नहीं है। इसके पहले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी पर 28 लाख रुपये का कर्ज था, जिसे अब पूरी तरह से चुका दिया गया है। इसके पहले के दो वित्त वर्ष यानी 2023-24 और 2022-23 में भी कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त थी।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.57 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 7.34 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 17.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 19.25 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 2.11 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 7.72 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 13.49 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 14.37 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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