पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए संतुलित कदम: खंडेलवाल

15 May 2026 13:46:53
कैट महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का फाइल फोटो


नई दिल्ली, 15 मई (हि.स)। कारोबारी संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता की दिशा में संतुलित कदम बताया है। यद्यपि इस निर्णय से उपभोक्ताओं पर कुछ अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, लेकिन इसे मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और देश के व्यापक आर्थिक हितों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

खंडेलवाल ने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के बाजार में भारी अस्थिरता उत्पन्न हुई है, जिससे इसकी कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति संबंधी चुनौतियां सामने आई हैं। भारत अपनी आवश्यकता का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रभाव घरेलू ईंधन व्यवस्था पर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि एक संतुलित, व्यावहारिक और जिम्मेदार निर्णय प्रतीत होता है, जिसका उद्देश्य वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश में ईंधन की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखना तथा आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना है। यदि लंबे समय तक ईंधन कीमतों को कृत्रिम रूप से नियंत्रित रखा जाए, तो इससे सरकारी वित्तीय व्यवस्था और तेल विपणन कंपनियों पर अत्यधिक दबाव पड़ सकता है, जिसका व्यापक प्रभाव अर्थव्यवस्था पर पड़ना स्वाभाविक है।

खंडेलवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखते हुए ईंधन कीमतों को संतुलित रखने का प्रयास किया है तथा समय-समय पर राहत भी प्रदान की है। वर्तमान परिस्थितियों में सीमित मूल्य वृद्धि ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम है। उन्होंने स्वीकार किया कि ईंधन कीमतों में वृद्धि का प्रभाव परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स लागत पर पड़ सकता है, लेकिन कठिन वैश्विक परिस्थितियों में नागरिकों और व्यापार जगत दोनों को व्यापक राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए ऐसे निर्णयों का समर्थन करना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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