

पटना, 17 मई (हि.स.)। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने रविवार को बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 150 करोड़ रुपये की बड़ी नेत्र स्वास्थ्य सेवा परियोजना की नींव रखी। ‘सेवा ही साधना है’ के मूलमंत्र से प्रेरित इस पहल का उद्देश्य गांवों और दूरदराज इलाकों में सस्ती एवं बेहतर आंखों की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
बिहार के सारण जिले के मस्तीचक में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान गौतम अडाणी ने देशभर में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जुड़े एक बड़े मिशन की भी घोषणा की। इस परियोजना के तहत हर वर्ष लगभग 3.3 लाख आंखों की सर्जरी की जा सकेगी, जबकि करीब 1,000 स्वास्थ्य पेशेवर को नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण नेत्र चिकित्सा नेटवर्कों में शामिल हो सकती है।
इस अवसर पर गौतम अडाणी ने कहा कि बिहार की पवित्र धरती मस्तीचक आकर उन्हें गर्व, आत्मीयता और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने गायत्री परिवार, अखंड ज्योति परिवार और मृत्युंजय तिवारी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की आंखों की रोशनी लौटाना केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि उसके जीवन में उम्मीद, आत्मविश्वास और सम्मान वापस लौटाने जैसा पुण्य कार्य है।
गौतम अडाणी ने कहा कि “सेवा ही साधना है” उनके लिए सिर्फ नारा नहीं, बल्कि करुणा को कर्म में बदलने की प्रेरणा है। बिहार सदैव देश को नई चेतना देने वाली भूमि रही है और यह पहल उसी सेवा भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि अडाणी फाउंडेशन द्वारा अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल को 150 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। इस राशि से मस्तीचक में ‘अडाणी सेंटर फॉर आई’ और ‘अडाणी ट्रेनिंग इन ऑप्थैल्मिक मेडिसिन’ की स्थापना की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान 10 एंबुलेंस को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, ताकि बिहार और आसपास के दूरदराज गांवों तक नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाई जा सकें। गौतम अडाणी ने इस परियोजना के दीर्घकालिक संचालन के लिए अतिरिक्त सहयोग देने की भी घोषणा की।
मस्तीचक में हुए भूमि पूजन कार्यक्रम में गौतम अडाणी के साथ अडाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अडाणी और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृत्युंजय तिवारी उपस्थित रहे।
मृत्युंजय तिवारी ने कहा, मैं गौतम अदाणी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल पर विश्वास जताते हुए इस परिवर्तनकारी यात्रा में हमें सहभागी बनाया। यह साझेदारी केवल भवनों और संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के अंतिम पंक्ति में खड़े वंचित एवं उपेक्षित लोगों के जीवन में दृष्टि, सम्मान, अवसर और आशा का संचार करने का एक साझा संकल्प है। हमें विश्वास है कि यह सहयोग आने वाले वर्षों में करोड़ों जीवनों पर दूरगामी प्रभाव उत्पन्न करेगा।
इसके साथ ही अडाणी फाउंडेशन और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल ने पीरपैंती में 200 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना की घोषणा भी की। यह अस्पताल बिहार के बड़े हिस्से तक सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मदद करेगा। उल्लेखनीय है कि पीरपैंती में अडाणी समूह 2400 मेगावॉट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट भी स्थापित कर रहा है।
देशभर में नेत्र चिकित्सा विस्तार के लिए 500 करोड़ की प्रतिबद्धता
गौतम अडाणी ने देशभर के वंचित समुदायों तक सस्ती नेत्र चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए 500 करोड़ रुपये की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता भी जताई। ‘अडाणी अखंड ज्योति फाउंडेशन’ बिहार के बाहर भी दूरदराज क्षेत्रों में आंखों के इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इन सभी परियोजनाओं के लिए कुल निवेश 700 करोड़ रुपये से अधिक होगा।
उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2022 में अपने 60वें जन्मदिन पर उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के लिए 60,000 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। इसके अलावा पिछले वर्ष अपने पुत्र जीत अडाणी के विवाह अवसर पर 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सामाजिक प्रतिबद्धता की घोषणा भी की गई थी।
बिहार में लगातार बढ़ रहा अडाणी समूह का निवेश
नेत्र स्वास्थ्य परियोजना बिहार में अडाणी समूह की बढ़ती निवेश प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। राज्य में समूह का कुल निवेश लगभग 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इसमें 27,000 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जा रहा 2,400 मेगावॉट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट भी शामिल है, जिसे बिहार में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है।
इसके अलावा इंडियन ऑयल अडाणी गैस प्राइवेट लिमिटेड गयाजी और नालंदा जिलों में सिटी गैस वितरण नेटवर्क विकसित कर रही है। वहीं अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड उत्तरी बिहार में करीब 30 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य कर रही है।
अडाणी समूह नवादा और मुजफ्फरपुर में दो बड़ी सीमेंट ग्राइंडिंग इकाइयों के विस्तार पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश भी कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 में 30 बिस्तरों वाले छोटे अस्पताल के रूप में शुरू हुआ अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल आज देश के प्रमुख नेत्र चिकित्सा संस्थानों में गिना जाता है। अब तक यहां 14 लाख से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी लौटाई जा चुकी है, जबकि लाखों लोगों की आंखों की जांच की जा चुकी है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त