भारत-नॉर्वे संबंधों को हरित रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमत

युगवार्ता    18-May-2026
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प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करते दोनों प्रधानमंत्री


ओस्लो, 18 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नोर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के बीच सोमवार को ओस्लो में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने भारत-नॉर्वे संबंधों को हरित रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। यह स्वच्छ ऊर्जा, समुद्र आधारित अर्थव्यवस्था और हरित परिवर्तन के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक वक्तव्य में बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-नॉर्वे संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और व्यापार एवं निवेश, समुद्री अर्थव्यवस्था, चक्रीय अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष और आर्कटिक के क्षेत्रों में सहयोग को अधिक मजबूत करने पर सहमति जताई।

उन्होंने आगे कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते से उत्पन्न अपार अवसरों को रेखांकित किया। इसमें विशेष रूप से व्यापार, प्रौद्योगिकी सहयोग और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्र शामिल रहे। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत और वैश्विक लड़ाई में अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने साझा प्रेस वक्तव्य दिया। इसमें प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद के हर रूप को जड़ से समाप्त करना भारत और नॉर्वे की साझा प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार अनिवार्य है।

नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों नियम-आधारित व्यवस्था, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं तथा किसी भी समस्या का समाधान सैन्य संघर्ष से नहीं निकाला जा सकता। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच भारत शांति और संघर्ष की शीघ्र समाप्ति के हर प्रयास का समर्थन करता रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विश्व इस समय अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, लेकिन ऐसे समय में भारत और यूरोप अपने संबंधों के एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहे हैं।

मोदी ने कहा कि वह पिछले वर्ष नॉर्वे आने वाले थे, लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के कारण उनकी यात्रा स्थगित करनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में नॉर्वे ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़े होकर सच्ची मित्रता का परिचय दिया।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच लागू हुआ व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता भारत और नॉर्वे के बीच साझा प्रगति और समृद्धि का ब्लूप्रिंट है। इस समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है।

मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे ने अपने संबंधों को ‘ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का स्वरूप देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु अनुकूलन, ब्लू इकोनॉमी और ग्रीन शिपिंग जैसे क्षेत्रों में भारत की क्षमता और नॉर्वे की प्रौद्योगिकी एवं पूंजी मिलकर वैश्विक समाधान विकसित करेंगी।

उन्होंने कहा कि अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार दोनों देशों के संबंधों के मजबूत स्तंभ बन रहे हैं। दोनों देशों ने स्थिरता, महासागरीय ऊर्जा, भूविज्ञान और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में अनुसंधान सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग, कृत्रिम मेधा (एआई), साइबर और डिजिटल क्षेत्रों में विश्वविद्यालयों तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम को जोड़कर साझेदारी को भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और प्रतिभा गतिशीलता में भी सहयोग का विस्तार होगा।

मोदी ने कहा कि नॉर्वे आर्कटिक क्षेत्र का महत्वपूर्ण देश है और आर्कटिक एवं ध्रुवीय अनुसंधान में दोनों देशों का लंबे समय से सहयोग रहा है। उन्होंने भारत के आर्कटिक अनुसंधान केंद्र ‘हिमाद्रि’ के संचालन में सहयोग के लिए नॉर्वे का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और नॉर्वे अंतरिक्ष एजेंसी के बीच हुआ समझौता ज्ञापन अंतरिक्ष सहयोग को नए आयाम देगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को खुशी है कि नॉर्वे ‘इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव’ से जुड़ रहा है। दोनों देश समुद्री अर्थव्यवस्था, समुद्री सुरक्षा और क्षमता निर्माण में सहयोग को मजबूत करेंगे।

उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने त्रिपक्षीय विकास सहयोग समझौता भी किया है, जिसके तहत ग्लोबल साउथ के देशों में भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं के माध्यम से मानव विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।

मोदी ने कहा कि आर्कटिक से आउटर स्पेस तक, ग्रीन शिपिंग से ब्लू इकोनॉमी तक और ऊर्जा सुरक्षा से खाद्य सुरक्षा तक भारत-नॉर्वे सहयोग नए आयाम छू रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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