



-बिरला ने अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई शपथ
नई दिल्ली, 18 मई (हि.स)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को कहा कि महाराजा अग्रसेन के सिद्धांत, समानता, समावेशिता, सहयोग और सामूहिक भागीदारी, आधुनिक युग में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पूर्व महाराजा अग्रसेन ने सामाजिक समरसता और साझा उत्तरदायित्व पर आधारित शासन व्यवस्था का मॉडल स्थापित किया था, जो आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।
ओम बिरला ने ये विचार नई दिल्ली स्थित होटल ली मेरिडियन में अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों के राष्ट्रीय अधिवेशन एवं शपथग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। बिरला ने अपने संबोधन से पहले अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के नव-निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष बसंत कुमार मित्तल, राष्ट्रीय महामंत्री गोपाल गोयल और कोषाध्यक्ष नत्थू राम जैन सहित अन्य पदाधिकारियों का शपथ दिलाई। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी बालक आनंद गिरि महाराज भी उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति सामूहिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता पर निर्भर करती है, जो स्वदेशी और समावेशी विकास की भावना को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने उल्लेख किया कि अग्रवाल समाज ने ऐतिहासिक रूप से इसी दृष्टि और विचारधारा के साथ कार्य किया है तथा समाज के विकास और कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बिरला ने आगे कहा कि जब भी राष्ट्र या समाज किसी संकट से गुज़रा, अग्रवाल समाज के सदस्य सदैव सहायता के लिए आगे आए।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि समाज कल्याण हेतु धन और संसाधनों को समर्पित करने की परंपरा इस समुदाय के मूल मूल्यों में गहराई से समाहित है। बिरला ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका तथा स्वतंत्रता के बाद उद्योग, व्यापार, वाणिज्य, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक कल्याण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देशभर में स्थापित विद्यालय, महाविद्यालय, अस्पताल और धर्मशालाएं समाज की निस्वार्थ सेवा के प्रति प्रतिबद्धता के स्थायी प्रतीक हैं।
सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को संरक्षित रखने के महत्व पर बल देते हुए बिरला ने कहा कि आज अग्रवाल समाज को जो सम्मान प्राप्त है, वह पीढ़ियों के त्याग, समर्पण और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने युवाओं से इन मूल्यों को बनाए रखने और समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।
बिरला ने सामाजिक परिवर्तन, गतिशील नेतृत्व और अधिक सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठनात्मक इकाइयां भले ही अलग-अलग तरीकों से कार्य करें, लेकिन समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के व्यापक उद्देश्य में सभी को एकजुट रहना चाहिए। नव-नियुक्त पदाधिकारियों पर विश्वास व्यक्त करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने आशा जताई कि वे अग्रवाल सम्मेलन के माध्यम से महाराजा अग्रसेन के आदर्शों और दृष्टि को आगे बढ़ाते रहेंगे तथा गरीबों और वंचितों के कल्याण के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि जब भी राष्ट्र किसी आपदा, संकट या कठिनाई का सामना करे, अग्रवाल समाज को सबसे पहले सहायता और राहत प्रदान करने वालों में शामिल होना चाहिए। उन्होंने समाज से महाराजा अग्रसेन के शाश्वत आदर्शों को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि नेतृत्व केवल अधिकार का पद नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक गहरी जिम्मेदारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर