
कोलकाता, 19 मई (हि.स.)। दक्षिण 24 परगना के फलता विधानसभा क्षेत्र में होने वाले पुनर्मतदान से ठीक 48 घंटे पहले तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मुकाबले से खुद को अलग करने की घोषणा कर दी। मंगलवार को प्रचार के अंतिम दिन आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वह अब इस चुनाव में नहीं लड़ेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा घोषित ‘स्पेशल पैकेज’ का स्वागत भी किया।
जहांगीर खान ने कहा कि फलता के विकास और क्षेत्र की शांति के हित में उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने फलता के विकास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की है और वह चाहते हैं कि क्षेत्र में अधिक विकास हो। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि चुनाव से हटने का निर्णय पार्टी नेतृत्व या अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर लिया गया है या नहीं।
नामांकन वापसी की समयसीमा समाप्त हो चुकी है इसलिए चुनाव मैदान से हटने के बावजूद इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन में जहांगीर खान का नाम बना रहेगा। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को भाजपा उम्मीदवार देवांशु पंडा के समर्थन में फलता में रोड शो कर रहे हैं। जहांगीर की घोषणा के बाद भाजपा समर्थकों में उत्साह देखा गया।
संवाददाता सम्मेलन में भावुक नजर आए जहांगीर खान ने कहा कि उनका सपना ‘सोनार फलता’ बनाने का था और क्षेत्र के लोगों के हित को देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है। हालांकि उन्होंने चुनाव से हटने के पीछे किसी राजनीतिक दबाव या पार्टी निर्देश की बात से बचते हुए कहा कि अब वह इस मुद्दे पर और कुछ नहीं बोलना चाहते।
उल्लेखनीय है कि 29 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के दौरान फलता के कई बूथों में कथित अनियमितताओं और ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने पुनर्मतदान की मांग की थी। बाद में निर्वाचन आयोग ने फलता में पुनर्निर्वाचन कराने का फैसला लिया। इस बीच राज्य में भाजपा बहुमत के साथ पहली बार सत्ता में आई।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर खान को तृणमूल नेतृत्व का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। अंतिम चरण के मतदान से पहले अभिषेक बनर्जी ने उनके समर्थन में प्रचार किया था, लेकिन उसके बाद पार्टी का कोई बड़ा नेता उनके पक्ष में मैदान में नहीं उतरा।
सोमवार को जहांगीर खान ने गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। वहीं, चुनावी अनियमितताओं के आरोपों पर उन्होंने कहा कि उन्होंने उम्मीदवार के तौर पर निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन किया और किसी प्रकार की गड़बड़ी उनके निर्देश पर नहीं हुई।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर