
नई दिल्ली, 19 मई (हि.स.)। दिल्ली के तीन मूर्ति परिसर स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय में आगंतुकों के लिए आधुनिक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संग्रहालय प्रशासन ने मंगलवार को अपना तीसरा एआई-संचालित इंटरैक्टिव होलोबॉक्स स्थापित किया।
इस अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से अब लोग महात्मा गांधी के 'हाइपर-रियलिस्टिक' 3डी अवतार के साथ वास्तविक जीवन जैसा संवादात्मक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे और उनसे सीधे बातचीत कर इतिहास के विभिन्न पहलुओं को जान सकेंगे।
तकनीक के इस नए समावेश पर प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय के निदेशक अश्वनी लोहानी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, इस तरह की पहल भारत की राजनीतिक और लोकतांत्रिक विरासत को समग्र रूप से प्रस्तुत करने के लिए प्रधानमंत्री संग्रहालय की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। तकनीक के माध्यम से हम अतीत और भविष्य के बीच एक सेतु का निर्माण कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नए एआई होलोबॉक्स के शुरू होने से न केवल युवा पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास को समझने में मदद मिलेगी बल्कि यह वैश्विक स्तर पर ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और प्रस्तुतीकरण के लिए एक नया मानक भी स्थापित करेगा।
संग्रहालय में एआई तकनीक का उपयोग नया नहीं है। इससे पहले भारत के 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के एआई-संचालित होलोबॉक्स सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं, जिन्हें जनता की ओर से काफी सराहना मिली है। महात्मा गांधी के बाद, जल्द ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के होलोबॉक्स को भी यहां स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।
यह अनूठा संग्रहालय भारत के विभिन्न प्रधानमंत्रियों के जीवन, उनके दृष्टिकोण और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को बखूबी प्रदर्शित करता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी