रूस और चीन के संयुक्त घोषणा पत्र में 'बहुध्रुवीय दुनिया' के निर्माण का वादा

20 May 2026 16:17:53
बीजिंग में बुधवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग । फोटो - द मॉस्को टाइम्स


- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में किए हस्ताक्षर, अमेरिका के लिए चुनौती भरा संदेश

बीजिंग (चीन), 20 मई (हि.स.)। चीन की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार को यहां ऐतिहासिक संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने घोषणा पत्र में 'बहुध्रुवीय दुनिया' के निर्माण का वादा किया। इस कदम को अमेरिका के लिए चुनौती भरा संदेश माना जा रहा है। यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीजिंग से लौटने के कुछ समय बाद की गई है।

चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ, रूस की सरकारी संवाद समिति तास और द मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं ने 20 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके बाद संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया गया। बाकी समझौतों का जिक्र इसमें नहीं किया गया है। पुतिन ने कहा, हम अपने द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करेंगे और उन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय रूप से शामिल होंगे, जहां हमारी टीमें एक बहुध्रुवीय दुनिया की मजबूत नींव रखने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। शी ने रूस-चीन संबंधों को दो बड़ी शक्तियों के बीच संबंधों के लिए एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने अमेरिका पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए एकतरफा और वर्चस्ववादी विपरीत धाराओं के बेरोकटोक हावी होने के प्रति आगाह किया।

पुतिन ने कहा, रूस और चीन एक स्वतंत्र और संप्रभु विदेश नीति के लिए प्रतिबद्ध हैं।शी ने पुतिन के साथ बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि मध्य पूर्व में पूर्ण सैन्य विराम बेहद जरूरी है। शी और पुतिन ने व्यापक रणनीतिक समन्वय बढ़ाने तथा अच्छे पड़ोसी संबंधों और मैत्रीपूर्ण सहयोग को गहरा करने पर सहमति जताई है। राष्ट्रपति शी पुतिन ने बीजिंग स्थित 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में संयुक्त रूप से मीडिया से मुलाकात की। इस अवसर पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।

शी ने कहा कि यह वर्ष चीन-रूस रणनीतिक समन्वय साझेदारी की स्थापना की 30वीं वर्षगांठ और चीन-रूस 'अच्छे पड़ोसी और मैत्रीपूर्ण सहयोग संधि' पर हस्ताक्षर की 25वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। शी ने कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों और दुनिया के महत्वपूर्ण बड़े देशों के रूप में चीन और रूस को एक रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा, चीन-रूस संबंध अब और भी बड़ी उपलब्धियों तथा तीव्र विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर चुके हैं।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि मॉस्को और बीजिंग जी 20 और विश्व व्यापार संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साझा रुख का समर्थन करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, हम जी 20, विश्व व्यापार संगठन, विश्व बैंक जैसे बहुपक्षीय मंचों पर अपने रुख में निकट समन्वय बनाए रखना जारी रखेंगे। हमारा इरादा चीन की 'बेल्ट एंड रोड पहल' के बीच तालमेल को बढ़ावा देना है। शी ने कहा कि चीन ने रूसी नागरिकों के लिए वीजा मुक्त नीति को 31 दिसंबर, 2027 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

'बहुध्रुवीय दुनिया' का तात्पर्य

'बहुध्रुवीय दुनिया' से तात्पर्य ऐसी वैश्विक व्यवस्था से है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय राजनीति, अर्थव्यवस्था और सैन्य शक्ति किसी एक या दो देशों के हाथों में केंद्रित न होकर कई प्रमुख देशों या समूहों के बीच बंटी होती है। सोवियत संघ के विघटन के बाद केवल अमेरिका ही एकमात्र वैश्विक महाशक्ति (ध्रुव) बनकर उभरा है। बहुध्रुवीय दुनिया का पिछले कुछ दशकों से तेजी से विकास हुआ है। वर्तमान में यह शक्ति केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। इसमें अमेरिका के अलावा चीन और रूस के अलावा यूरोपीय देश शक्तिशाली भूमिका निभा रहे हैं। यह व्यवस्था किसी एक देश को मनमानी करने से रोकती है। इसे अपनी स्वतंत्र विदेश नीति चुनने के अधिक विकल्प होते हैं।इसमें अनेक शक्तियां एक साथ मिलकर वैश्विक राजनीति और व्यापार की रूपरेखा तय करती हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

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