घुसपैठियों पर शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान, सीएए सूची से बाहर के लोगों को गिरफ्तार कर बीएसएफ को सौंपा जाएगा

20 May 2026 21:04:53
शुभेंदू


कोलकाता, 20 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ऐलान करते हुए कहा कि जो लोग नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के दायरे में नहीं आते, उन्हें गिरफ्तार कर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हवाले कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में अब इस कानून को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

नवान्न में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 14 मई 2025 को अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को सीधे बीएसएफ को सौंपने संबंधी दिशा-निर्देश राज्य सरकार को भेजे थे, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने इसे लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद अब इस कानून को जमीन पर लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री बुधवार सुबह उत्तर बंगाल दौरे से लौटने के बाद पत्रकारों से मुखातिब हुए। इस दौरान बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने सीमा से सटे 27 किलोमीटर लंबे भूभाग को बीएसएफ के उपयोग के लिए सौंप दिया है।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सीएए के तहत सात समुदायों के लोगों को संरक्षण प्राप्त है। 31 दिसंबर 2024 तक राज्य में आए ऐसे लोगों को पुलिस न तो परेशान करेगी और न ही हिरासत में लेगी। लेकिन जो लोग सीएए के अंतर्गत नहीं आते, उन्हें पूरी तरह अवैध घुसपैठिया माना जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को राज्य पुलिस गिरफ्तार करेगी और बीएसएफ को सौंपेगी, जिसके बाद सीमा सुरक्षा बल बांग्लादेश सीमा रक्षक बल से समन्वय कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी करेगा।

मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को “डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट” नीति बताया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती सभी थानों में यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि कौन विदेशी भारत में प्रवेश कर सकता है, किस प्रक्रिया से प्रवेश करेगा और किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि वैध पासपोर्ट और वीजा के बिना किसी भी विदेशी नागरिक को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, कानून की धारा 33 के तहत केंद्र सरकार को विशेष परिस्थितियों में नियमों में बदलाव करने का अधिकार भी प्राप्त है।

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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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