भारत कम से कम 25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा: गोयल

21 May 2026 15:36:53
अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स इन इंडिया के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते गोयल


नई दिल्ली, 21 मई (हि.स)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदारों के रूप में काम कर रहे हैं, उनमें पूरकता और विश्वास है। उन्होंने कहा कि भारत कम से कम अगले 25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

गोयल ने नई दिल्ली में 'अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स' (एमचैम) के वार्षिक नेतृत्व शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच की साझेदारी आपसी विश्वास और साझा आर्थिक हितों से और अधिक मजबूत होती है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री कहा कि भारत और अमेरिका 'स्वाभाविक साझेदार' के तौर पर काम कर रहे हैं और वे प्रौद्योगिकी नवाचार, उच्च-सटीकता रक्षा, डिजिटल डेटा केंद्र, क्वांटम कंप्यूटिंग और चिकित्सा उपकरणों सहित विभिन्न क्षेत्रों में एक-दूसरे के पूरक हैं।

गोयल ने कहा कि पिछले छह महीनों में अमेरिकी उद्योग से मिली प्रतिबद्धताओं का अनुमान 60 अरब डॉलर से अधिक है, जिसमें अमेजन और गूगल जैसी कंपनियों के बड़े निवेश भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक कंपनियों के लिए एक भरोसेमंद ढांचा प्रदान करता है और बाजार के अवसरों का ऐसा अनूठा मेल प्रस्तुत करता है, जिसकी दुनिया में कोई मिसाल नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक भरोसेमंद साझीदार की तलाश में है और भारत ने लगातार बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति सम्मान दिखाया है। उन्होंने कहा कि भारत के पास कुशल प्रतिभाओं का एक विशाल भंडार है और यह 1.4 अरब महत्वाकांक्षी भारतीयों की मांग को एक साथ लाकर बढ़ती आय और बढ़ते मध्यम वर्ग के ज़रिए अमेरिकी नवाचार को बड़े पैमाने पर विस्तार प्रदान करता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार 'भव्य' योजना के माध्यम से औद्योगिक विकास के लिए एक क्षेत्र-आधारित दृष्टिकोण भी अपना रही है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में 100 नए औद्योगिक पार्क स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि यह मॉडल औद्योगिक बुनियादी ढांचे को श्रमिकों के आवास, मनोरंजन और सामाजिक सुविधाओं के साथ एकीकृत करता है, ताकि एक समग्र औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किया जा सके। गोयल ने व्यवसायों और निवेशकों से आग्रह किया कि वे वर्तमान से आगे देखें और भारत तथा उसके लोगों की क्षमताओं, प्रतिभा, आकांक्षाओं और फुर्ती को पहचानें। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत की विकास गाथा पर भरोसा करते हैं, उन्हें देश के दीर्घकालिक आर्थिक बदलाव से लगातार लाभ मिलता रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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