
नई दिल्ली, 22 मई (हि.स.)। कांग्रेस के महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ) के कथित दुरुपयोग को लेकर सरकार और नौकरशाहों पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फंड का इस्तेमाल देश के शीर्ष खिलाड़ियों की मदद करने के बजाय आईएएस अधिकारियों के आलीशान बंगलों और कल्याण संघों में खेल परिसर बनाने के लिए किया गया।
जयराम रमेश ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा कि एनएसडीएफ मुख्य रूप से 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (टीओपीएस) को वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जो ओलंपिक स्तर के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को सहयोग देने वाली सरकार की एक प्रमुख योजना है। उन्होंने वित्तीय आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि एनएसडीएफ को मिलने वाला दान वित्त वर्ष 2023-24 के 85.26 करोड़ रुपये से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में महज 37.02 करोड़ रुपये रह गया है। इस कोष का कामकाज एक काउंसिल देखती है, जिसकी अध्यक्षता खुद केंद्रीय खेल मंत्री करते हैं।
महासचिव ने बताया कि शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने अगस्त 2025 में ही यह मुद्दा उठाया था कि एनएसडीएफ के पैसों का इस्तेमाल आईएएस अधिकारियों के आवासों और वेलफेयर एसोसिएशनों में खेल परिसर बनाने के लिए किया जा रहा है। इसके बाद एक समाचार पत्र ने भी अपनी रिपोर्ट में इस वित्तीय गड़बड़ी का विस्तार से खुलासा किया था। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि जिस फंड को ओलंपिक पदक के दावेदार एथलीटों को तैयार करने में लगना था, उससे अफसरों के आलीशान बंगले चमकाए गए।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब पूरा देश भविष्य में ओलंपिक की मेजबानी करने की उम्मीद कर रहा है, फंड की इस तरह की हेराफेरी हमारे खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ने वाली है।
जयराम ने आरोप लगाया कि इस संसदीय समिति की रिपोर्ट को सत्ता पक्ष ने सिर्फ इसलिए खारिज और नजरअंदाज कर दिया क्योंकि समिति में विपक्ष के सदस्य शामिल थे। उन्होंने कहा कि अब यह खेल मंत्रालय के नेतृत्व पर निर्भर करता है कि वे इस आईएएस लॉबी के खिलाफ कोई सुधारात्मक कदम उठाते हैं या फिर इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति करते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी