आगामी यूपी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी जी जान से जुटें कार्यकर्ता: मायावती

24 May 2026 14:07:53
बसपा प्रमुख मायावती


लखनऊ, 24 मई (हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को यूपी विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों को जीत का मंत्र दिया। उन्हाेंने कहा कि प्रदेश में बसपा की एक बार फिर से सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ता काेई कसरन छाेड़े और पूरे जी जान से वोट की सुरक्षा करें।

बसपा प्रमख मायावती ने रविवार काे यहां 12 माल एवेन्यू स्थित पार्टी मुख्यालय पर सभी वरिष्ठ पदाधिकारी, कोआर्डिनेटर और जिलाध्यक्षाें के साथ एक बैठक की। बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि देश में चुनाव जिस प्रकार की नई—नई चुनौतियों के बीच हो रहे हैं, उसको देखते हुए पार्टी की तैयारियों के हर स्तर पर और भी चुस्त—दुरुस्त और मुस्तैद बनाने की जरूरत है। ताकि पार्टी के पक्ष में बढ़ते हुए जन रुझान के फलस्वरूप यूपी में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनाने का मिशनरी लक्ष्य सुनिश्चित हो सकें। बसपा प्रमुख ने कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सन 2007 की तरह पूरी तरह डटकर विरोधियों का सामना करना है और प्रत्याशियों के चयन में सावधानी बरतनी होगी। प्रदेश में बसपा की एक बार फिर से सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए मायावती ने कहा कि पूरी जी जान से वोट की सुरक्षा करना है। मायावती ने कहा कि अभी हाल में ही सम्पन्न हुए पांच राज्याें के विधानसभा चुनाव जाे कुछ हुआ व जिस प्रकार से हुआ उसका संज्ञान लेने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व पंजाब राज्य में अगले वर्ष विधानसभा का चुनाव हाेना है। पिछले चुनाव से सबक सीखकर आगे बढ़ना होगा, जब खासकर सत्ताधारी पार्टी व सरकारें वादों आदि की खानापूर्ति करने तथा अन्य प्रकारों की अभूतपूर्व तरीके से चुनाव प्रभावित करने में सफल हो जाते हैं। इसके बाद वो लोग जन हितैषी गवरनेंस की बजाय ज्यादातर ध्यान भटकाने वाले कार्यकलापों के कारण फिर जनता अपने आपकों काफी ठगा हुआ महसूस करने लगती है, किंतु उसका क्या लाभ जब चिड़िया चुग गई खेत।

बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टियां चुनाव के समय जनहितैषी और जनकल्याणकारी होने का ढिंढोरा पीटती है और उससे धन लुटाती है। चुनाव खत्म होने के बाद अपने वादों, घोषाणाओं अन्य दावों आदि के प्रति उदासीनता और लापरवाह क्यों हो जाती है। यही कारण है कि इन पार्टियों की छलावापूर्ण एवं विभाजनकारी राजनीति से देश व जनहित का सही से भला नहीं हो पा रहा है। उनका जीवन लगातार लाचार और मजबूर बना हुआ है। मायावती ने कहा कि चुनाव के बाद महंगाई, बेरोजगारी,नये—नये नियम और कानून आदि के जरिए हर प्रकार के तनाव समेत उनके जीवन के जंजाल को और भी बढ़ा दिया जाता है। जिससे आज करोड़ों की जनता को इज्जत और सम्मान के साथ जीना मुश्किल हो गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

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