
भुवनेश्वर, 25 मई (हि.स.)। ओडिशा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने सोमवार को बीजू जनता दल (बीजद) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
अपने इस्तीफे में उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में उन्हें पार्टी के भीतर “व्यवस्थित रूप से अनदेखा” किया गया और ऐसा महसूस कराया गया कि पार्टी को अब उनकी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है।
बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक को संबोधित अपने इस्तीफा पत्र में सामंतराय ने उन्हें राज्यसभा भेजने तथा अविभाजित कटक जिले के लोगों की सेवा करने और राष्ट्रीय स्तर पर ओडिशा के मुद्दों को उठाने का अवसर देने के लिए आभार व्यक्त किया।
पत्र में उन्होंने लिखा, “मुझे राज्यसभा के लिए नामित करने के लिए मैं आपका सदैव ऋणी रहूंगा। आपने मुझे अविभाजित कटक जिले के लोगों की सेवा करने और राष्ट्रीय मंच पर ओडिशा के मुद्दों को उठाने का जो अवसर दिया, उसके लिए मैं अपनी हार्दिक और गहन कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।”
सामंतराय ने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी के हितों को सर्वोपरि रखा और वर्षों तक पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ संगठन के लिए कार्य किया। हालांकि, हाल के समय में उन्हें पार्टी के भीतर लगातार उपेक्षित और अपमानित महसूस कराया गया।
उन्होंने अपने पत्र में कहा, “मैंने सदैव पार्टी के हित में कार्य किया है और पूरे विश्वास एवं समर्पण के साथ संगठन की सेवा की है। लेकिन मुझे महसूस हो रहा है कि हाल के दिनों में पार्टी में मेरा व्यवस्थित रूप से मेरी अनदेखी की गई और अपमान किया गया है तथा पार्टी को अब मेरी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है। इसलिए जनहित में मैंने यह कठिन निर्णय लिया है और मेरा इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध करता हूं।”
हालांकि सामंतराय ने अपने इस्तीफे के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया है, लेकिन उनके इस कदम ने राज्य की राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर मतभेद और बढ़ती असंतुष्टि इस फैसले के संभावित कारण हो सकते हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो