
इम्फाल, 25 मई (हि.स.)। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खड़से ने सोमवार को मणिपुर की राजधानी इम्फाल स्थित राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर का दौरा कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों, विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों से संवाद कर खेलों के विकास और बेहतर सुविधाओं को लेकर चर्चा की।
दौरे के दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण सत्र में भी हिस्सा लिया और फिटनेस गतिविधियों को करीब से देखा। वार्म-अप ड्रिल, सहनशक्ति अभ्यास, स्ट्रेचिंग और खेल-विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अवलोकन करते हुए उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। खिलाड़ियों के अनुशासन और मेहनत की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और समर्पण से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का गौरव बढ़ा सकते हैं।
करीब 325 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर के निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि परियोजना का अधिकांश कार्य पूरा होने के करीब पहुंच चुका है। परिसर में आधुनिक शैक्षणिक भवन, स्मार्ट कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, सभागार, खेल विज्ञान सुविधाएं और विद्यार्थियों व शिक्षकों के लिए आवासीय व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।
रक्षा खड़से ने खेल शिक्षा और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह संस्थान देश में खेलों की नई संस्कृति विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल विज्ञान, अनुसंधान और तकनीक आधारित प्रशिक्षण व्यवस्था खिलाड़ियों की क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी।
इस दौरान मंत्री ने भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध फिजियोथेरेपी, पोषण, रिकवरी, खेल चिकित्सा और फिटनेस सुविधाओं का जायजा लिया तथा प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ से बातचीत की।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश में खेल आधारभूत संरचना और प्रशिक्षण व्यवस्था को लगातार मजबूत किए जाने से भारत भविष्य में वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय