
-घरेलू उड़ानों में 22 फीसदी की कटौती करेगी एयर इंडिया
नई दिल्ली, 27 मई (हि.स)। पश्चिम एशिया संकट और विमानन क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया और इंडिगो ने अपनी उड़ानों में कटौती का फैसला लिया है। देश की दोनों प्रमुख विमानन कंपनियों ने एक जून से अपनी उड़ान क्षमता में कटौती करेंगी। ये कटौती अगले तीन महीने तक लागू रहेगी, जिससे हवाई यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को दी गई जानकारी में बताया कि टाटा की अगुवाई वाली एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की ऊंची कीमतों की वजह से बढ़ती परिचालन लागत के चलते अपनी घरेलू उड़ानों में 22 फीसदी तक कटौती करने का फैसला किया है। घाटे में चल रही एयरलाइन ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी करीब 27 फीसदी की कमी की है।
कंपनी ने जारी बयान में कहा कि जून से अगस्त के बीच चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में पहले घोषित बदलावों के साथ-साथ कुछ घरेलू मार्गों पर भी अस्थायी रूप से उड़ानों की संख्या घटाई गई है। एयर इंडिया के अनुसार ये फैसला लगातार ऊंची ईंधन कीमतों के कारण परिचालन पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए लिया गया है। ये कटौती 1 जून से शुरु हो जाएगी, जो अगले 90 दिनों यानी 3 महीनों तक लागू रहेगी।
एयर इंडिया ने कहा कि मांग और परिचालन स्थितियों की लगातार समीक्षा की जाएगी और परिस्थितियां सामान्य होने पर उड़ानों की संख्या फिर बढ़ाई जा सकती है। एयरलाइन ने यह भी कहा कि जिन यात्रियों की उड़ानें प्रभावित होंगी, उन्हें वैकल्पिक उड़ानों में समायोजन, बिना अतिरिक्त शुल्क तारीख बदलने की सुविधा या टिकट का पूरा पैसा वापस किया जाएगा।
वहीं, इंडिगो एयरलाइन भी अपनी सेवाओं में पांच से सात फीसदी की कटौती करने की योजना बना रहा है। बजट एयरलाइन इंडिगो की ये कटौती परिचालन लागत को नियंत्रित करने और नुकसान को कम करने के लिए की जा रही है। हालांकि, यह निर्णय यात्रियों के लिए कुछ असुविधा पैदा कर सकता है।
उल्लेखनीय है कि एयर इंडिया हर हफ्ते लगभग 4,400 उड़ानों का परिचालन करती है, जिनमें करीब 3,600 घरेलू और 800 अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शामिल हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर