
कोलकाता, 27 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार रात सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के लिए अतिरिक्त जमीन हस्तांतरित कर दी है, ताकि सीमावर्ती इलाकों में बीएसएफ चौकियों के निर्माण और कंटीले तारों की बाड़ लगाने का काम तेज किया जा सके।
मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक कुल 142.79 एकड़ जमीन बीएसएफ को सौंपी जा चुकी है। यह जमीन राज्य के कई सीमावर्ती जिलों में दी गई है, जिनमें कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया और उत्तर 24 परगना शामिल हैं। सबसे अधिक 38.805 एकड़ जमीन मुर्शिदाबाद जिले में दी गई है, जबकि जलपाईगुड़ी में 35.165 एकड़ और कूचबिहार में 22.95 एकड़ जमीन बीएसएफ को सौंपी गई है। इसके अलावा दक्षिण दिनाजपुर में 20.1701 एकड़, मालदा में 10.90 एकड़, दार्जिलिंग में 8.815 एकड़, उत्तर दिनाजपुर में 2.84 एकड़, उत्तर 24 परगना में 2.6 एकड़ और नदिया में 0.55 एकड़ जमीन हस्तांतरित की गई है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया था। उसी फैसले के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने 45 दिनों के भीतर कुल 600 एकड़ जमीन बीएसएफ को सौंपने का लक्ष्य तय किया है और मौजूदा पहल को उस लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया जा रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि सीमा क्षेत्रों में बीएसएफ चौकियों और बार्ब्ड वायर फेंसिंग के विस्तार से घुसपैठ, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत होगा तथा सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ बनेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर