गीर के जंगल में रहस्यमयी वायरस से सात शेरों की मौत, 17 शेरों को किया गया क्वारंटीन

28 May 2026 20:41:53
गीर के जंगल में रहस्यमयी वायरस पर शेर की जांच करते हुए


वन विभाग द्वारा वैक्सीनेशन ट्रीटमेंट और डी-टिकिंग अभियान


गांधीनगर, 28 मई (हि.स.)। विश्व में एशियाई शेरों के एकमात्र प्राकृतिक आवास गिर जंगल से एक चिंताजनक खबर सामने आई। पिछले कुछ दिनों में गिर क्षेत्र में कुल सात शेरों की मौत हो चुकी है। इनमें चार शावक हैं। इससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है।

अरण्य भवन में पीसीसीएफ डॉ. जयपालसिंह ने गुरुवार को बताया कि मृत शेरों में रहस्यमयी वायरस के लक्षण पाए गए हैं। हालांकि यह कहना मुश्किल है कि यह कैनाइन डिस्टेंपर वायरस(सीडीवी) है या नहीं। इसके लिए सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और जिसकी रिपोर्ट एक सप्ताह बाद आने की संभावना है।

वन विभाग ने एहतियात के तौर पर 17 शेरों को क्वारंटीन किया है। इनमें से आठ शेरों में रहस्यमयी वायरस के लक्षण दिखाई दिए हैं। संक्रमित शेरों के इलाज के लिए पशु चिकित्सकों की टीम दिन-रात जुटी है। पीसीसीएफ के डॉ. जयपालसिंह के अनुसार 12 डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उपचार और मॉनिटरिंग कर रही है।

गिर जंगल क्षेत्र में लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि शेर पहले से किसी बीमारी से पीड़ित थे या नहीं।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने बड़ी संख्या में कर्मचारियों को गिर क्षेत्र में तैनात किया है। फिलहाल करीब 250 वनकर्मी राहत और निगरानी कार्य में लगे हैं। वहीं जामनगर, सूरत, राजकोट, कच्छ और जूनागढ़ से 20 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी गिर बुलाया गया है। इनमें आरएफओ, वनपाल और फॉरेस्ट स्टाफ शामिल हैं। खास बात यह है कि ये कर्मचारी पहले भी गिर जंगल में सेवाएं दे चुके हैं, इसलिए क्षेत्र और परिस्थितियों की अच्छी समझ होने के कारण इन्हें दोबारा तैनात किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

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