
नई दिल्ली, 28 मई (हि.स.)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके राष्ट्रप्रेम, त्याग और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद किया। सभी ने सावरकर के विचारों और संघर्षपूर्ण जीवन को प्रेरणादायी बताया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वीर सावरकर ने मातृभूमि की सेवा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनका जीवन और उनकी लेखनी देश तथा विचारधारा के प्रति अटूट समर्पण की सीख देती है। उन्होंने सावरकर के उस कथन का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था, “हे मातृभूमि! तेरे बिना जीवन मृत्यु के समान है।” अस्पृश्यता जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सावरकर का संघर्ष सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीर सावरकर को महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक, ओजस्वी वक्ता, कवि और दार्शनिक बताते हुए कहा कि उन्होंने अनेक यातनाएं सहते हुए भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। सावरकर का जीवन त्याग, संघर्ष एवं निःस्वार्थ राष्ट्रसेवा की अमिट गाथा है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सावरकर को “मां भारती के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले महान क्रांतिकारी” बताते हुए कहा कि उन्होंने अदम्य साहस और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतन के साथ स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। सेल्युलर जेल की कठोर यातनाओं के बीच भी सावरकर का मनोबल अडिग रहा।
कृषिमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अंग्रेजों की असंख्य यातनाएं और काला पानी की सजा भी वीर सावरकर के देश को स्वतंत्र कराने के संकल्प को नहीं डिगा सकीं। सावरकर का जीवन आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि स्वातंत्र्य चेतना, अदम्य साहस और राष्ट्र सर्वोपरि के विचार को अपना जीवन समर्पित करने वाले वीर सावरकर का जीवन त्याग, तप और राष्ट्रसमर्पण का अद्वितीय उदाहरण है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीर सावरकर को राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए कठोरतम अमानवीय यातनाएं सहने वाला महान स्वतंत्रता सेनानी बताते हुए कहा कि उनका संघर्षपूर्ण जीवन देशवासियों को साहस और राष्ट्रहित में समर्पण का संदेश देता रहेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वीर सावरकर के नाम मात्र के स्मरण से ही राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्मगौरव की भावना जागृत हो जाती है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वीर सावरकर को राष्ट्र प्रथम के संकल्प, सांस्कृतिक गौरव और अखंड भारत की चेतना का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका वैचारिक दर्शन प्रत्येक राष्ट्रभक्त के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत रहेगा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सावरकर का राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत जीवन और विचार सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि वीर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को हुआ था। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के एक महान व्यक्तित्व के रूप में वे क्रांतिकारी, कवि, लेखक तथा दूरदर्शी समाज सुधारक के रूप में जाने जाते हैं। वीर सावरकर ने 20वीं शताब्दी के प्रारंभिक दौर में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध प्रतिरोध की भावना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने स्वतंत्रता के उद्देश्य से युवाओं को संगठित एवं प्रेरित करने के लिए क्रांतिकारी संगठनों की स्थापना की। उनका जीवन देशभक्ति, धैर्य एवं सुधार का प्रेरणादायक उदाहरण बना हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी