भारत-चीन सीमा डब्ल्यूएमसीसी की बैठक बीजिंग में हुई, द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने पर जोर

28 May 2026 11:31:53
सांकेतिक।


नई दिल्ली/बीजिंग, 28 मई (हि.स.)। भारत और चीन के बीच सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की 35वीं बैठक बुधवार को बीजिंग में सौहार्दपूर्ण एवं माहौल में संपन्न हुई। इसमें दोनों पक्षों ने चीन में होने वाली विशेष प्रतिनिधियों (एसआर) की आगामी बैठक के लिए ठोस आधार तैयार करने के लिए मिल कर काम करने का संकल्प लिया।

विदेश मंत्रालय के आज यहां जारी बयान के अनुसार, बैठक में दोनों देशों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, जिसने द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) सुजीत घोष ने किया। वहीं, चीन के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई वहां के विदेश मंत्रालय के सीमा और समुद्री मामलों के विभाग की महानिदेशक सुश्री होउ यांकी ने की।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच अत्यंत रचनात्मक और दूरदर्शी चर्चा हुई। दोनों देशों के राजनयिकों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति की व्यापक समीक्षा की। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि सीमा पर स्थिरता और शांति बनाए रखने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।

बैठक में तीन प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में मुख्य रूप से सीमा परिसीमन, सीमा प्रबंधन, तंत्र निर्माण और सीमा पार सहयोग से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। भारतीय पक्ष ने सीमा पार बहने वाली नदियों के विषय पर अगले विशेषज्ञ स्तर के तंत्र की बैठक जल्द से जल्द आयोजित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। इसके अलावा दोनों पक्ष 24वीं विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता के निर्णयों के अनुरूप राजनयिक और सैन्य स्तरों पर नियमित संवाद और संपर्क बनाए रखने के लिए सहमत हुए।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने चीन में आयोजित होने वाली विशेष प्रतिनिधियों (एसआर) की आगामी बैठक के लिए ठोस और मजबूत आधार तैयार करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस बीजिंग यात्रा के दौरान, भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता सुजीत घोष ने चीन के विदेश मंत्रालय के एशियाई मामलों के विभाग के महानिदेशक लियू जिनसोंग से भी मुलाकात की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने चीन के सहायक विदेश मंत्री होंग लेई से एक शिष्टाचार भेंट भी की, जिसमें आपसी हितों के मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन बुधौलिया

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