सूर्यवंशी के बेखौफ अंदाज पर बोले ध्रुव जुरेल, “उसे गेंदबाज से कोई फर्क नहीं पड़ता”

28 May 2026 08:16:53
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी


15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी ने सनराइजर्स हैदराबाद का सफर खत्म किया

न्यू चंडीगढ़, 28 मई (हि.स.)।राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बुधवार रात इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के एलिमिनेटर में ऐसी तूफानी बल्लेबाजी की, जिसने सनराइजर्स हैदराबाद के पूरे अभियान को झकझोर कर रख दिया। 15 वर्षीय बल्लेबाज ने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोककर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

पावरप्ले में उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने हैदराबाद के गेंदबाजों को पूरी तरह बेबस कर दिया। इस शानदार पारी के बाद राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी और टीम प्रबंधन भी सूर्यवंशी के आत्मविश्वास और मानसिकता की खुलकर तारीफ कर रहे हैं।

राजस्थान रॉयल्स के विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,“वैभव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह ज्यादा योजना नहीं बनाता। वह खूब अभ्यास करता है और खुद पर पूरा भरोसा रखता है। उसके मन में कभी यह संदेह नहीं आता कि वह यह नहीं कर सकता।”

जुरेल ने आगे बताया कि सूर्यवंशी का खेल बेहद सरल सोच पर आधारित है।

उन्होंने कहा, “जब हम अकादमी में जाते हैं तो हमें कहा जाता है कि गेंदबाज को मत देखो, सिर्फ गेंद देखो। लेकिन 17-18 साल की उम्र में हम अक्सर गेंदबाज का नाम देखकर दबाव महसूस करते हैं। वैभव ऐसा बिल्कुल नहीं करता। वह सिर्फ गेंद को देखता है।”

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “उसका मंत्र साफ है-मुझे किसी भी गेंदबाज से कोई फर्क नहीं पड़ता।”

हैदराबाद के कोच भी हुए प्रभावित

सनराइजर्स हैदराबाद के सहायक कोच जेम्स फ्रैंकलिन ने स्वीकार किया कि उनकी टीम ने सूर्यवंशी को रोकने के लिए हर संभव कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सकी।

फ्रैंकलिन ने कहा,“उसके खिलाफ गेंदबाजी के लिए बहुत छोटा मार्जिन था। अच्छी पिच पर ऐसे बल्लेबाज को रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है। हमने शुरुआत में फुल लेंथ और लेग स्टंप लाइन पर गेंदबाजी करने की कोशिश की, लेकिन उसने जल्दी ही उसे समझ लिया।”

उन्होंने बताया कि हैदराबाद ने फील्ड सेटिंग में भी कई प्रयोग किए, लेकिन सूर्यवंशी ने आसानी से बड़े शॉट लगाए।

फ्रैंकलिन ने कहा,“मुझे नहीं लगता कि क्रिकेट में पहले किसी ने ऐसा टैलेंट देखा है। जो वह इस उम्र में कर रहा है, वह अविश्वसनीय है। अगर उसके करियर में अभी 25 साल बाकी हैं, तो यह सोचकर ही डर लगता है कि वह आगे कितना बेहतर होगा। टी20 क्रिकेट अब निडर खिलाड़ियों का खेल बन चुका है”

फ्रैंकलिन ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी का टी20 क्रिकेट खेलने का तरीका पूरी तरह बदल चुका है।

उन्होंने कहा,“आज के युवा खिलाड़ी खेल से डरते नहीं हैं। वे बचपन से टीवी पर टी20 क्रिकेट देखते हुए बड़े हुए हैं। बल्लेबाज ज्यादा से ज्यादा चौके-छक्के लगाने की सोचते हैं और गेंदबाज लगातार नई विविधताएं आजमा रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा,“पिछले पांच वर्षों में टी20 क्रिकेट की रफ्तार काफी बदल गई है। खासकर आईपीएल में खेल की गति दुनिया की बाकी टी20 लीगों से कहीं ज्यादा तेज है।”

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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