दिल्ली पुलिस की तर्ज पर कोलकाता पुलिस को मजबूत करने की तैयारी

28 May 2026 20:52:53
सांकेतिक छवि


कोलकाता, 28 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों के समकक्ष कोलकाता पुलिस को विकसित करने की योजना के तहत लालबाजार ने एक नई समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता कोलकाता पुलिस के संयुक्त आयुक्त (संगठन) आईपीएस नीलांजन विश्वास कर रहे हैं। पांच सदस्यीय यह समिति पुलिस बल के मौजूदा साजो-सामान की विस्तृत समीक्षा करेगी और 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट लालबाजार को सौंपेगी।

जारी निर्देशिका के अनुसार समिति यह जांच करेगी कि कोलकाता पुलिस के पास हेलमेट, लाठी, ढाल, बॉडी आर्मर, गैर-घातक हथियार, रबर बुलेट, टियर गैस और अन्य भीड़ नियंत्रण उपकरणों की वर्तमान उपलब्धता और स्थिति क्या है। इसके साथ ही वॉटर कैनन जैसे उपकरणों की आपूर्ति और उपलब्धता का भी आकलन किया जाएगा।

समिति का एक प्रमुख कार्य दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीआरपीएफ सहित) द्वारा उपयोग किए जा रहे उपकरणों की तुलना कोलकाता पुलिस के संसाधनों से करना होगा। दोनों के बीच अंतर को स्पष्ट करते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

इस समिति में संयुक्त आयुक्त (संगठन) के अलावा कोलकाता सशस्त्र पुलिस की छठी बटालियन के उपायुक्त देवाशीष दास भी शामिल हैं।

हालांकि आधिकारिक निर्देश में इस कदम के पीछे का कारण स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर में भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। हाल ही में पार्क सर्कस क्षेत्र में बुलडोजर नीति के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसमें पुलिस पर पथराव और लाठीचार्ज के आरोप लगे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों की मदद लेनी पड़ी थी। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए कोलकाता पुलिस को भविष्य में संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक सक्षम और आधुनिक बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

Powered By Sangraha 9.0