इस बार अर्धसैनिक बलों की 670 कंपनियां संभालेंगी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा-व्यवस्था

29 May 2026 13:04:53

जम्मू, 29 मई (हि.स.)। इस वर्ष 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए 670 अर्धसैनिक कंपनियों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। यह तीर्थयात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। इस वर्ष देश भर से बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के दक्षिण कश्मीर हिमालय में भगवान शिव के पवित्र हिमशिला के दर्शन करने की उम्मीद है। दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ जी गुफा मंदिर सहित यात्रा मार्ग में कुछ ऊंचाइयों और राष्ट्रीय राजमार्गों के कुछ हिस्सों पर सेना भी तैनात रहेगी।

इस वर्ष की यात्रा लगभग दो महीने तक चलेगी और केंद्र सरकार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती, इसलिए जम्मू-कश्मीर के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से परामर्श करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। इस साल केंद्रीय सशस्त्र पुलिसबलों (सीएपीएफ) की 670 कंपनियां जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित गुफा मंदिर तक तैनात की जाएंगी। इनमें नुनवान (पहलगाम) और बाल्टल के बेस कैंप, यात्री निवास जम्मू (जहां से प्रतिदिन सुबह काफिला निकलता है), पठानकोट-जम्मू और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और सभी महत्वपूर्ण यात्रा मार्गों के साथ-साथ तीर्थयात्रियों द्वारा तय किए जाने वाले अन्य स्थान शामिल हैं। अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियां जून की शुरुआत तक केंद्र शासित प्रदेश पहुंचना शुरू कर देंगी और पूरी तैनाती तीर्थयात्रा शुरू होने से लगभग एक सप्ताह पहले पूरी हो जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि अमरनाथ तीर्थयात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था में जम्मू-कश्मीर पुलिस भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आगे कहा कि अर्धसैनिक कंपनियों और पुलिस की तैनाती की जाएगी। इस तरह से सुरक्षा व्यवस्था की गई है कि नियमित आतंकवाद-विरोधी अभियानों में कोई बाधा न आए। बालताल और चंदनवारी के दोनों रेलवे ट्रैक के साथ-साथ पवित्र गुफा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में विभिन्न सुरक्षा समीक्षा बैठकों में इस संबंध में योजना बनाई जा चुकी है। बालताल, नुनवान और यात्री निवास जम्मू के बेस कैंपों में भी अधिकतम सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) के अलावा, अर्धसैनिक बलों और स्थानीय पुलिस द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर नियमित गश्त की जाएगी।

जम्मू-श्रीनगर रेलवे ट्रैक पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाएगी, क्योंकि बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों से श्रीनगर जाने की उम्मीद है। वर्तमान में जम्मू और श्रीनगर के बीच दो ट्रेनें चल रही हैं और यात्रा के दौरान इनकी संख्या बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के अलावा जम्मू और कश्मीर बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक की नामित शाखाओं के जरिये पूरे भारत में तीर्थयात्रियों का पंजीकरण किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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