

- डीएफएस सचिव ने 2025-26 के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा की
नई दिल्ली, 29 मई (हि.स)। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने वित्त वर्ष 2025–26 में 1.98 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज्यादा कुल शुद्ध लाभ हासिल किया, जिसमें कुल कारोबार 12.8 फीसदी बढ़कर 283.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
वित्त मंत्रालय ने जारी एक बयान में कहा कि वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम. नागराजू ने शुक्रवार को नई दिल्ली में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मजबूत प्रदर्शन की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक में उसके व्यापक प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।
मंत्रालय के मुताबिक वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) सचिव, एम. नागराजू ने आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) की एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, ताकि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान प्रमुख परिचालन, वित्तीय और रणनीतिक प्राथमिकताओं के क्षेत्र में उनके प्रदर्शन और प्रगति का आकलन किया जा सके।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक इस समीक्षा बैठक में प्रदर्शन की मुख्य बातें जो है, उसमें पीएसबी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 1.98 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ अर्जित किया है, जबकि इस वित्त वर्ष में बैंकों का कुल कारोबार 283 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि जीएनपीए ऐतिहासिक रूप से अपने सबसे निचले स्तर 1.93 फीसदी पर रहा।
मंत्रालय के मुताबिक समीक्षा बैठक के दौरान आपकी पूंजी, आपका अधिकार नामक एक 'कॉफी टेबल बुक' का विमोचन किया गया, जिसमें लावारिस वित्तीय संपत्तियों का पता लगाने और उन्हें वापस दिलाने की दिशा में किए जा रहे राष्ट्रव्यापी प्रयासों पर प्रकाश डाला गया है। इसके साथ ही नागरिकों के साथ जुड़ाव और सूचना के प्रसार को बेहतर बनाने के उद्देश्य से, बहुभाषी और सुलभता सुविधाओं से युक्त डीएफएस की एक नई वेबसाइट भी लॉन्च की गई।
वित्त मंत्रालय के अनुसार इस बैठक में वित्तीय सेवा विभाग के विशेष सचिव, डीएफएस के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी और कार्यकारी निदेशकों ने भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर