दस प्रतिशत धर्मांतरित लोग 70 प्रतिशत आरक्षण का लाभ ले रहें : सतेंद्र सिंह

29 May 2026 20:22:53

नई दिल्ली, 29 मई (हि.स.)। वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने धर्मांतरण और अनुसूचित जनजाति आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताते हुए डी-लिस्टिंग की मांग उठाई। उन्होंने दावा किया कि दस प्रतिशत धर्मांतरित लोग 70 प्रतिशत आरक्षण का लाभ ले रहे हैं।

नई दिल्ली के संस्कार भारती में आयोजित प्रेस वार्ता में सतेंद्र सिंह ने दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के सफल होने पर खुशी जताई और साथ ही ये भी बताया कि प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी मिला है। उन्होंने बताया कि हमने सरकार के समक्ष मांग रखी है कि डी लिस्टिंग के तहत उन लोगों को चिन्हित करना चाहिए जो धर्मांतरण करने के बाद भी आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज देश का स्वाभिमान है और स्वतंत्रता संग्राम में उसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों द्वारा यह प्रचारित किया गया था कि जनजातीय समाज का कोई धर्म नहीं होता, जबकि यह गलत है। उनके अनुसार वनवासी समाज भारतीय संस्कृति का वास्तविक स्वरूप है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आरक्षण के बावजूद जनजातीय समाज को न्याय नहीं मिला है। उनका आरोप था कि धर्मांतरण कर चुके लोग आरक्षण का अधिक लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने डॉ जितेंद्र बजाज और कार्तिक उरांव को उद्धृत करते हुए दावा किया कि “10 प्रतिशत धर्मांतरित लोग 70 प्रतिशत आरक्षण का लाभ ले रहे हैं।” इस संबंध में उन्होंने डॉ. जितेंद्र बजाज और कार्तिक उरांव के शोध का उल्लेख किया।

अनुच्छेद 342 और धर्मांतरण जैसे गंभीर मुद्दे पर वक्ताओं ने लोकूर समिति का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज की स्पष्ट परिभाषा तय करने की आवश्यकता है तथा इसे केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि अनुच्छेद 342 के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति हिंदू धर्म छोड़कर अन्य धर्म अपनाता है, तो उसे अनुसूचित जनजाति का लाभ नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि इसको लेकर जनजातीय समाज का एक प्रतिनिधि मंडल देश की राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी मिला तथा अपनी मांगों एवं चिंताओं को उनके समक्ष रखा।

कार्यक्रम की सफलता पर दिया धन्यवाद

राष्ट्रीय सह संयोजक राजकिशोर हंसदा ने कहा कि 24 मई का कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा। उन्होंने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। पांच स्थानों से शोभायात्राएं निकाली गईं और इस प्रकार का आयोजन पहले कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कार्यक्रम में योगदान देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के लोगों के लिए यह एक नया और सकारात्मक अनुभव था। इस प्रेस वार्ता में मंच पर संचालन नरेंद्र मरावी ने किया। इनके साथ दो वक्ता सतेंद्र सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष वनवासी कल्याण आश्रम एवं राजकिशोर हंसदा राष्ट्रीय सह संयोजक जनजातीय सुरक्षा मंच भी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट - सौरव राय

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

Powered By Sangraha 9.0