उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्रियों ने चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि

29 May 2026 12:47:53
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह (फाइल फोटो)।


नई दिल्ली, 29 मई (हि.स.)। देश के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर किसान नेता, स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अनेक राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें याद करते हुए किसान हितों, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर श्रद्धांजलि संदेश जारी करते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की आत्मा को समझने वाले दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन किसानों, मजदूरों और कृषि आधारित समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उप राष्ट्रपति ने कहा कि सामाजिक न्याय, ग्रामीण विकास और किसान समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में उनके प्रयास हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संदेश में कहा कि चौधरी चरण सिंह का जीवन देश के गांवों और किसानों के कल्याण के लिए संघर्ष का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की रक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और समाज के वंचित वर्गों को सम्मान दिलाने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है। देश सदैव उनके योगदान के प्रति कृतज्ञ रहेगा।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने चौधरी चरण सिंह को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आपातकाल के दौर तक लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमित शाह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और समृद्ध किसान की अवधारणा को मजबूती दी, जो आज भी देश के विकास के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि उनकी सादगी, ईमानदारी और किसान हितों के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चौधरी चरण सिंह को भारतीय राजनीति का जननायक बताते हुए कहा कि किसानों के सम्मान और अधिकारों के लिए उनका संघर्ष हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार जैसे ऐतिहासिक कदमों ने भारतीय ग्रामीण समाज को नई दिशा दी। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि चौधरी चरण सिंह एक गंभीर चिंतक और लेखक थे, जिन्होंने अपने लेखन और विचारों के माध्यम से कृषि और ग्रामीण भारत की समस्याओं को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह के मन में गांव, गरीब और किसान के विकास के लिए गहरी संवेदना थी। उनका मानना था कि भारत की वास्तविक समृद्धि गांवों और खेत-खलिहानों से होकर गुजरती है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी चौधरी चरण सिंह के विचार अत्यंत प्रासंगिक हैं। उनका जीवन किसानों की भलाई और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि चौधरी चरण सिंह का जीवन किसानों के सम्मान और स्वाभिमान को समर्पित था। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष आज भी देश को ‘अन्नदाता’ के सम्मान और समृद्ध भारत के संकल्प को साकार करने की प्रेरणा देता है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन ने भी चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारतीय कृषि, ग्रामीण विकास और किसान कल्याण के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों की समस्याओं को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाने का कार्य किया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि चौधरी चरण सिंह द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय और जनकल्याणकारी नीतियां आज भी नीति निर्माताओं को मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण और ग्रामीण भारत के विकास में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह किसानों के अधिकारों के सच्चे रक्षक थे। उन्होंने ग्रामीण भारत के विकास और किसानों के सशक्तिकरण के लिए जो कार्य किए, वे हमेशा याद किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि चौधरी चरण सिंह (1902–1987) पांचवें प्रधानमंत्री और देश के सबसे प्रतिष्ठित किसान नेताओं में से एक थे। उन्हें भारतीय राजनीति में किसानों का मसीहा कहा जाता है। उन्होंने अपना पूरा जीवन ग्रामीण अर्थव्यवस्था, भूमि सुधार और किसानों के अधिकारों को मजबूत करने में समर्पित कर दिया। उनके जन्मदिन (23 दिसंबर) को 'राष्ट्रीय किसान दिवस' के रूप में मनाया जाता है।

चौधरी चरण सिंह का राजनीतिक और सामाजिक जीवन आज भी देश के किसानों और ग्रामीण समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है। उनकी नीतियां और विचार भारतीय कृषि व्यवस्था तथा ग्रामीण विकास की दिशा में आज भी मार्गदर्शक बने हुए हैं।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

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