जीटीए शिक्षक भर्ती घोटाले में होगी सीबीआई जांच, सुप्रीम कोर्ट से मामला वापस लेगी बंगाल सरकार : शुभेंदु

युगवार्ता    29-May-2026
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शुभेंदु अधिकारी


कोलकाता, 19 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की राजनीति और दार्जिलिंग पहाड़ क्षेत्र के प्रशासनिक ढांचे से जुड़े बहुचर्चित जीटीए शिक्षक भर्ती घोटाले में अब सीबीआई जांच का रास्ता लगभग साफ हो गया है। शुक्रवार को नवान्न में पहाड़ी क्षेत्रों और उत्तर बंगाल के विकास को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका वापस लेगी। इसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा दिए गए सीबीआई जांच के आदेश प्रभावी हो जाएंगे।

जीटीए शिक्षक भर्ती मामले में लंबे समय से अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। आरोप है कि करीब 400 शिक्षकों की नियुक्ति नियमों को दरकिनार कर अवैध तरीके से की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच के निर्देश दिए थे। हालांकि तत्कालीन राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद जांच पर रोक लग गई थी। अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट से अपना मामला वापस लेगी ताकि सीबीआई जांच शुरू हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट से यह मामला वापस ले रहे हैं। इसके बाद हाई कोर्ट का आदेश लागू होगा और सीबीआई जांच आगे बढ़ेगी। उनके इस बयान को पहाड़ की राजनीति में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

नवान्न में हुई इस विशेष बैठक में मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल, पहाड़ी क्षेत्रों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कई अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। एनडीए के सहयोगी नेता बिमल गुरुंग और रोशन गिरी को भी बैठक में आमंत्रित किया गया था। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट और पहाड़ी क्षेत्र के नव निर्वाचित तीन विधायक भी बैठक में उपस्थित रहे।

बैठक में उत्तर बंगाल, दार्जिलिंग पहाड़ और चाय बागान क्षेत्रों में केंद्र सरकार की विकास परियोजनाओं को तेज गति से लागू करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले आपदा प्रबंधन की सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं की आशंका को देखते हुए पर्याप्त क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात रखी जाए और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अगले 10 दिनों के भीतर आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव दार्जिलिंग और आसपास के पहाड़ी इलाकों का दौरा करेंगे तथा वहां की तैयारियों और संभावित जोखिमों पर विस्तृत रिपोर्ट नवान्न को सौंपेंगे।

गौरतलब है कि, पिछले वर्ष दुर्गापूजा के दौरान भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण दार्जिलिंग समेत कई पहाड़ी क्षेत्रों में गंभीर हालात पैदा हो गए थे। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रेड रोड कार्निवाल में मौजूदगी को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ था। इसी पृष्ठभूमि में शुभेंदु अधिकारी ने संकेत दिया कि इस बार सरकार पहले से अधिक सतर्क और तैयार रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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