पाकिस्तान-चीन रक्षा साझेदारी की ओर बढ़ते बांग्लादेश पर उठे सवाल

30 May 2026 22:43:53

ढाका, 30 मई (हि.स.)। बांग्लादेश की संभावित रक्षा खरीद योजना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान और चीन के साथ बढ़ते रक्षा संबंध बांग्लादेश की पारंपरिक विदेश नीति की कसौटी बन सकते हैं। रिपोर्ट में इस कदम के रणनीतिक, आर्थिक और भू-राजनीतिक प्रभावों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में पाकिस्तान वायुसेना का एक परिवहन विमान ढाका पहुंचा, जिसमें जेएफ-17 थंडर ब्लॉक-III लड़ाकू विमान का एक पूर्ण आकार का सिम्युलेटर लाया गया। इसे दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच औपचारिक वार्ता के दौरान प्रशिक्षण उपकरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। माना जा रहा है कि यह कदम बांग्लादेश द्वारा 16 से 48 जेएफ-17 ब्लॉक-III लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद की दिशा में प्रारंभिक तैयारी का हिस्सा हो सकता है।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इस सौदे की संभावित लागत 40 करोड़ से 72 करोड़ अमेरिकी डॉलर के बीच हो सकती है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लड़ाकू विमान केवल सैन्य उपकरण नहीं होते, बल्कि वे दीर्घकालिक राजनीतिक और रणनीतिक संबंधों का भी संकेत देते हैं। ऐसे में चीन और पाकिस्तान के संयुक्त रूप से विकसित जेएफ-17 थंडर ब्लॉक III को अपनाने का निर्णय बांग्लादेश को एक विशेष रक्षा आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक दायरे से जोड़ सकता है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि जेएफ-17 कार्यक्रम चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन और पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स की संयुक्त परियोजना है। इसलिए इसे केवल ढाका और इस्लामाबाद के बीच का सौदा नहीं, बल्कि एक त्रिपक्षीय व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें चीन की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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