शराब की टेट्रा पैक पैकेजिंग पर रोक लगाने की मांग, हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर

30 May 2026 20:41:53
याचिकाकर्ता कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन के संस्थापक प्रिंस सिंघल


नई दिल्ली, 30 मई (हि.स.)। शराब की बिक्री के लिए इस्तेमाल किए जा रहे टेट्रा पैक और सैशे जैसी पैकेजिंग पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन के संस्थापक प्रिंस सिंघल ने अदालत से आग्रह किया है कि ऐसी पैकेजिंग पर रोक लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को नीति बनाने के निर्देश दिए जाएं।

याचिका में कहा गया है कि टेट्रा पैक में शराब की पैकेजिंग नाबालिगों को आकर्षित करती है और कम उम्र में शराब सेवन को बढ़ावा दे सकती है। इसके अलावा, इन पैकों का स्वरूप जूस या सॉफ्ट ड्रिंक के पैकेट जैसा होने के कारण इन्हें सार्वजनिक स्थानों पर आसानी से छिपाकर ले जाया और इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे कानून प्रवर्तन में भी मुश्किलें पैदा होती हैं।

याचिका में यह भी दावा किया गया है कि टेट्रा पैक का पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) बेहद कठिन है, क्योंकि इनमें कार्डबोर्ड, प्लास्टिक और एल्युमीनियम की कई परतें होती हैं। साथ ही, गर्मी या धूप के संपर्क में आने पर इन पैकेजिंग सामग्रियों से रासायनिक तत्व शराब में मिल सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

याचिकाकर्ता प्रिंस सिंघल ने बताया कि देश में शराब पीकर वाहन चलाने की समस्या लगातार बढ़ रही है और टेट्रा पैक जैसी पैकेजिंग इस खतरे को और बढ़ा सकती है। उनके अनुसार, ऐसी पैकेजिंग वाहन चालकों के लिए चलते वाहन में शराब का सेवन आसान बनाती है और उपयोग के बाद इसे आसानी से फेंका भी जा सकता है।

याचिका में सड़क दुर्घटनाओं और शराब पीकर वाहन चलाने से होने वाली मौतों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि यह एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा का विषय है। इसमें दावा किया गया है कि देश में हर साल बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं और मौतें होती हैं, जिनमें शराब पीकर वाहन चलाना एक प्रमुख कारण है।

याचिका में अदालत से प्रमुख मांगें

टेट्रा पैक, सैशे और अन्य ऐसी भ्रामक पैकेजिंग में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए नीति बनाई जाए।

राज्य सरकारों को अपने-अपने आबकारी कानूनों, नियमों और नीतियों में संशोधन करने के निर्देश दिए जाएं।

बॉटलिंग की एक समान परिभाषा तय की जाए, जिसमें केवल कांच की बोतलों या स्पष्ट रूप से पहचाने जाने वाले कंटेनरों में शराब की बिक्री की अनुमति हो।

अन्य स्वीकृत कंटेनर जैसे प्रावधानों के तहत भ्रामक पैकेजिंग को मंजूरी देने की व्यवस्था समाप्त की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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