आसमान में रविवार की रात दिखेगा साल का सबसे छोटा ब्लू माइक्रोमून

30 May 2026 19:33:53
आसमान में चमकता चंद्रमा (प्रतीकात्मक तस्वीर)


पूर्णिमा के ब्लू मून की जानकारी देते हुए विज्ञान प्रसार सारिका


- नीला नहीं बल्कि छोटा और कम चमकीला होगा पूर्णिमा का ब्लू मून

भोपाल, 30 मई (हि.स.)। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए रविवार, 31 मई की रात बेहद खास होने जा रही है। इस दौरान आसमान में अद्धुत नजारा देखने को मिलेगा। आकाश में ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की पूर्णिमा का चंद्रमा ब्लू माइक्रोमून के रूप में दिखाई देगा। यह साल 2026 का सबसे छोटा फुलमून होगा।

मध्य प्रदेश की नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने शनिवार को इस खगोलीय घटना की जानकारी देते हुए बताया कि ब्लू मून नाम सुनकर लोग यह न समझें कि चांद नीले रंग का दिखेगा। यह सिर्फ एक पारंपरिक नाम है। जब एक ही अंग्रेजी कैलेंडर महीने में दो पूर्णिमा आती हैं, तो दूसरी पूर्णिमा के चांद को ब्लू मून कहा जाता है। इसका कारण यह है कि दो लगातार पूर्णिमाओं के बीच का समय लगभग 29.5 दिन होता है। इस महीने पहली पूर्णिमा एक मई को थी और रविवार, 31 मई को यह दूसरी पूर्णिमा है।

सारिका के अनुसार रविवार की रात चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए अपने सबसे दूर बिंदु यानी एपोजी पर रहेगा। पृथ्वी से अत्यधिक दूरी लगभग 4 लाख 6 हजार किलोमीटर होने के कारण यह आम पूर्णिमा के मुकाबले आकार में लगभग 5 से 7 प्रतिशत छोटा और करीब 10 प्रतिशत कम चमकीला दिखाई देगा। इसी वजह से इसे माइक्रोमून कहा गया है। एक ही रात को मंथली ब्लू मून और माइक्रोमून का एक साथ होना बेहद दुर्लभ संयोग है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, रविवार को अधिकमास की ज्येष्ठ पूर्णिमा है और चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा इसलिये इसे स्कार्पियो ब्लू मून भी कहा जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज की रात एक और खगोलीय दृश्य देखने को मिलेगा। चांद आसमान में वृश्चिक राशि के सबसे चमकदार और सुर्ख लाल तारे एंटारेस के बेहद करीब से गुजरता हुआ नजर आएगा। इसे आप बिना किसी टेलिस्कोप या बाइनाकुलर के आज पूरी रात इस खूबसूरत नजारे को साफ देख सकते हैं।

सारिका ने बताया कि अगले ब्लू मून देखने के लिए आपको लंबा इतजार करना पड़ा, क्योंकि इसके बाद 20 मई 2027 को सीजनल ब्लू मून, 31 दिसम्बर 2028 को पूर्णचंद्रग्रहण के साथ मंथली ब्लू मून और 24 अगस्त 2029 को सीजनल ब्लू मून देखने को मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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