
नई दिल्ली, 31 मई (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को दक्षिणी दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास उस हादसा स्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया जहां एक पांच मंजिला इमारत गिर गई थी। उन्होंने मौके पर घटना की पूरी जानकारी ली और वहां जारी बचाव कार्य की समीक्षा की। उन्होंने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), सिविल डिफेंस और अन्य एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव अभियान में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और संभावित रूप से फंसे हर व्यक्ति की तलाश पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ की जाए।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न अस्पतालों में भर्ती घायलों के स्वास्थ्य की भी जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ितों को हरसंभव आर्थिक तथा प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मेहरौली थाने में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही हादसे के वास्तविक कारणों और जवाबदेही तय करने के लिए दक्षिण जिला के जिलाधिकारी के नेतृत्व में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि भवन ध्वस्त होने के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाए और अगर निर्माण संबंधी अनियमितता, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सैदुलाजाब और आसपास के इलाकों में जर्जर, खतरनाक और अवैध भवनों का तत्काल सर्वे और निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जिन इमारतों से लोगों की सुरक्षा को खतरा है, उनके खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध निर्माणों को संरक्षण देने या अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव