
काठमांडू, 31 मई (हि.स.)। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के द्वारा जमीन अतिक्रमण को लेकर दिए अभिव्यक्ति के कारण प्रतिनिधि सभा की बैठक तनावपूर्ण हो गई । विपक्षी दलों के सांसदों ने प्रधानमंत्री शाह के अभिव्यक्ति को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और स्पीकर के आसन के सामने घेराव कर दिया।
सत्र में स्थिति तब और बिगड़ गई जब विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री शाह के आपत्तिजनक बयान के लिए सदन में आकर माफी मांगने की माँग की है।विरोध के दौरान सांसदों ने स्पीकर डी पी अर्याल के खिलाफ नारेबाजी की और रोस्ट्रम को घेर लिया। इससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई और कई बार कार्यवाही आगे बढ़ाने की कोशिशें विफल रहीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ विपक्षी सांसद स्पीकर के आसन की ओर भी बढ़े, जिससे सदन के भीतर तनाव और बढ़ गया। हंगामे के कारण प्रतिनिधि सभा की कार्यवाही लंबे समय तक प्रभावित रही।
स्पीकर द्वारा बार-बार व्यवस्था बनाए रखने और कार्यसूची के अनुसार बैठक संचालित करने की अपील के बावजूद विपक्षी सांसद अपने विरोध पर अड़े रहे। परिणामस्वरूप सदन में गतिरोध की स्थिति बन गई।
संसदीय प्रक्रिया को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते मतभेदों के कारण रविवार देर रात तक कोई सहमति नहीं बन सकी और प्रतिनिधि सभा की कार्यवाही प्रभावी रूप से ठप हो गई। राजनीतिक दलों के बीच जारी इस टकराव ने संसद में नए गतिरोध की स्थिति पैदा कर दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास