गुजरात में 5 लाख की रिश्वत मामले में क्लास-1 अधिकारी गिरफ्तार, छापों में ₹2.64 करोड़ की संपत्ति बरामद

01 Jun 2026 18:20:53
क्लास-1 अधिकारी अश्विन बी. चौधरी को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार


गांधीनगर, 01 जून (हि.स.)। गुजरात के गांधीनगर में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने ऊर्जा विभाग के विद्युत निरीक्षण कार्यालय के क्लास-1 अधिकारी अश्विन बी. चौधरी को पांच लाख रुपये की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उनके विभिन्न ठिकानों पर हुई छापेमारी में ₹2.64 करोड़ से अधिक की बेहिसाबी संपत्ति बरामद हुई है।

एसीबी की निदेशक भारती पंड्या ने बताया कि एसीबी फील्ड-3 के पीआई पी.एन. खोखरा को सूचना मिली थी कि गांधीनगर स्थित उद्योग भवन कार्यालय में कार्यरत मुख्य विद्युत निरीक्षक अश्विन बी. चौधरी सोलर प्रोजेक्ट से जुड़े मामलों में स्थल निरीक्षण किए बिना ही एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) जारी करते हैं और इसके बदले बड़े पैमाने पर रिश्वत लेते हैं।

सूचना में यह भी बताया गया था कि चौधरी रिश्वत के रूप में प्राप्त रकम प्रतिदिन अपनी सरकारी स्विफ्ट डिजायर कार में लेकर घर जाते हैं। इस सूचना के आधार पर एसीबी फील्ड-3 के सहायक निदेशक अश्विन पटेल के मार्गदर्शन में आरोपित अधिकारी पर निगरानी रखी गई। जांच के दौरान एसीबी को अश्विन चौधरी की कार से ₹5.51 लाख नकद राशि और कई मूल्यवान गिफ्ट वाउचर मिले। इसके बाद पूछताछ में अधिकारी ने गांधीनगर और सूरत स्थित अपने आवासों में भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के और अन्य दस्तावेज होने की जानकारी दी।

सूरत और अहमदाबाद में एक साथ छापेमारी

गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीमों ने गांधीनगर, अहमदाबाद और सूरत स्थित आरोपित अधिकारी के ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच का प्रमुख केंद्र सूरत के वेसु स्थित वीआईपी रोड पर शिल्प रेजिडेंसी सोसायटी का मकान नंबर बी-405 रहा।

एसीबी की जांच में आरोपित अधिकारी के पास आय से अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। छापेमारी के दौरान विभिन्न स्थानों से कुल ₹1.76 करोड़ नकद बरामद हुए। लगभग ₹88.82 लाख मूल्य के सोने-चांदी के गहने और कीमती वस्तुएं जब्त की गईं। इसके अलावा ₹5.51 लाख मूल्य के

गिफ्ट वाउचर बरामद हुए हैं। संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए हैं।

इस प्रकार एसीबी ने कार्रवाई के दौरान कुल ₹2.64 करोड़ से अधिक की संपत्ति और मुद्दामाल जब्त किया है। फिलहाल एसीबी ने आरोपित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही उनकी अघोषित संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन की गहन जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

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