छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ईडी ने 1000 करोड़ से अधिक की संपत्तियां कुर्क कीं, चार नए आरोपित नामजद

01 Jun 2026 19:46:53
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)


नई दिल्ली, 01 जून (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के तहत 28 मई को जारी तीन अस्थायी कुर्की आदेशों (पीएओ) के तहत 200 करोड़ रुपये के रजिस्ट्री कीमत और 1000 करोड़ रुपये से अधिक बाजार मूल्य वाली संपत्तियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत अस्थायी रूप से कुर्क कर ली।

ईडी ने बताया कि एजेंसी की जांच में खुलासा हुआ कि अनवर धेबर और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के नेतृत्व में एक शराब सिंडिकेट ने 2019 से 2023 के बीच राज्य के आबकारी तंत्र में हेरफेर कर 2,883 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की। यह रकम शराब की खरीद दरों में कृत्रिम वृद्धि, अवैध शराब निर्माण और एफएल‑10ए लाइसेंसों के जरिए कमीशन वसूली से जुटाई गई।

पहले आदेशों के तहत विकास अग्रवाल और अनवर धेबर से जुड़ी अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। धेबर अग्रवाल सिंडिकेट का वित्तीय प्रबंधक था, जो डिस्टिलरी और लाइसेंस धारियों से कमीशन वसूलकर सीधे धेबर तक पहुंचाता था। अग्रवाल के परिवारजनों के नाम पर संपत्तियां और धेबर की बेनामी संपत्तियां, जिनमें धेबर सिटी होम्स, रायपुर के प्लॉट और पांच भूमि पार्सल शामिल हैं, को कुर्कु किया गया है। इनकी कुल कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये है।

दूसरे कुर्की आदेश में होटल वेस्टिन गोवा (गांव अंजुना, उत्तर गोवा) को कुर्क किया गया है। यह होटल पैसिफिका होटल्स इंडिया प्रा.लि. के नाम पर है, जिसके निदेशकों में राहुल अग्रवाल और विजय कुमार अग्रवाल शामिल हैं। जांच में पाया गया कि होटल की खरीद पूरी तरह शराब घोटाले से प्राप्त अवैध नकदी से की गई थी, जिसकी कुल कीमत लगभग 110 करोड़ रुपये है। नकदी को चैतन्य बघेल के माध्यम से गोवा तक पहुंचाया गया।

तीसरे कुर्की आदेश में तीन एफएल‑10ए लाइसेंसधारी कंपनियों ओम साई बेवरेजेस प्रा.लि., दिशिता वेंचर्स प्रा.लि. और नेक्सजेन पावर इंजिटेक प्रा. लि. के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड कुर्क किए गए हैं। इन कंपनियों को अपनी कमाई का 50–60 प्रतिशत सिंडिकेट को देना पड़ता था, जिसकी कुल राशि लगभग 51 करोड़ रुपये है।

ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत, रायपुर में छठा पूरक अभियोजन शिकायत पत्र भी दाखिल किया है। इसमें चार नए आरोपी विजय भाटिया, टी भुवनेश्वर राव, प्रोबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर को नामजद किया गया है। इसके साथ ही पीएमएलए अभियोजन में कुल आरोपितों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है।

ईडी ने कहा कि आगे की जांच जारी है और धन शोधन की पूरी श्रृंखला का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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