सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना-2.0 की समय सीमा 31 अगस्त तक बढ़ी

10 Jun 2026 18:50:53
ऋण गारंटी योजना के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 10 जून (हि.स)। केंद्र सरकार ने सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए ऋण गारंटी योजना-2.0 की वैधता 31 अगस्त तक या 20 हजार करोड़ रुपये की गारंटी जारी होने तक बढ़ाने को अपनी मंज़ूरी दे दी है।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार ने अधिकतम ऋण राशि को 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये करने की भी मंजूरी दी है, जो एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) के 20 फीसदी की कुल अधिकतम सीमा के तहत है। अब तक इस योजना के तहत कुल 770 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए गए हैं। इस योजना का मकसद 'नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड' के जरिए क्रेडिट गारंटी सपोर्ट देकर माइक्रोफाइनेंस संस्थान (एमएफआई) को लोन देने की क्षमता को मजबूत करना और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-सूक्ष्म वित्त संस्थान (एनबीएफसी-एमएफआई) को 20 हजार करोड़ रुपये तक का लोन आसानी से उपलब्ध कराना है। इसकी वैधता में विस्तार और बड़े आकार के एनबीसीएफसी-एमएफआई-एमएफआई के लिए निर्धारित अधिकतम ऋण राशि में वृद्धि से एमएफआई सेक्टर में ऋण प्रवाह में वृद्धि होने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार ने 20 मार्च को सीजीएसएमएफआई-2.0 स्कीम लागू की। इस योजना का उद्देश्य नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के जरिए बैंकों, वित्तीय संस्थानों को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एनबीएफसी-एमएफआई) और एमएफआई द्वारा छोटे उधारकर्ताओं को दिए गए ऋण पर संभावित नुकसान के विरूद्ध गारंटी प्रदान करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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