
शिलांग, 10 जून (हि.स.)। मेघालय के मुख्यमंत्री और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉनराड के. संगमा ने मणिपुर के सेनापति जिले में बंदी बनाए गए 14 कुकी नागरिकों की सुरक्षित रिहाई का स्वागत करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण मानवीय कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य में शांति और विश्वास बहाली की दिशा में सकारात्मक संदेश देती है।
मंगलवार को जारी एक बयान में संगमा ने 14 कुकी नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने में सहयोग देने के लिए यूनाइटेड नागा काउंसिल, विभिन्न नागा जनजातीय संगठनों, नागरिक समाज समूहों, सामुदायिक नेताओं और अन्य हितधारकों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय दया, सम्मान, सुलह और मानव जीवन के प्रति आदर जैसे उन मूल्यों को दर्शाता है, जो लंबे समय से नागा समाज और उसकी परंपराओं का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। संगमा ने कहा कि ऐसे समय में, जब मणिपुर लंबे समय से जातीय तनाव और संघर्षों से जूझ रहा है, यह कदम उम्मीद और सद्भावना का संदेश लेकर आया है।
मुख्यमंत्री ने यूनाइटेड नागा काउंसिल और विभिन्न नागा संगठनों की संयम, दूरदर्शिता और मानवीय सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि यह रिहाई दर्शाती है कि कठिन परिस्थितियों में भी शांति और मानवता को प्राथमिकता दी जा सकती है।
साथ ही, उन्होंने कुकी सिविल सोसाइटी संगठनों, सामुदायिक नेताओं और संबंधित सभी पक्षों से अपील की कि वे हिरासत में लिए गए छह नागा नागरिकों को भी उसी मानवीय भावना के तहत तत्काल और बिना शर्त रिहा करें।
संगमा ने कहा कि 14 कुकी नागरिकों की रिहाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि निर्दोष नागरिक संघर्षों का शिकार न बनें। उन्होंने उम्मीद जताई कि छह नागा नागरिक भी सुरक्षित रूप से अपने परिवारों के पास लौट सकेंगे।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को लंबे समय तक बंदी बनाए रखने से प्रभावित परिवारों और समुदायों की पीड़ा बढ़ती है तथा सामान्य स्थिति और आपसी विश्वास बहाल करने के प्रयासों में बाधा उत्पन्न होती है। उनके अनुसार, शेष बंदियों की रिहाई शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और विश्वास बहाली के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
एनपीपी की शांति और सुलह की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए संगमा ने कहा कि उनकी पार्टी संवाद, सामाजिक सद्भाव और जाति, समुदाय या धर्म से परे सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली पहलों का समर्थन करती रहेगी।
उन्होंने सभी पक्षों से इस सकारात्मक पहल को आगे बढ़ाने और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संघर्षों के समाधान और सुलह की प्रक्रिया में मानवीय मूल्यों तथा आपसी संवेदनशीलता की अहम भूमिका होती है।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय