एमएनआईटी जयपुर में क्वांटम, संचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी : अश्विनी वैष्णव

11 Jun 2026 22:08:53
माॅडल देखते मंत्री


जयपुर, 11 जून (हि.स.)। राजस्थान के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) जयपुर में उन्नत क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रयोगशालाएं स्थापित किए जाने की घोषणा की। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों पर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।

एमएनआईटी जयपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान तकनीकी क्रांति कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संचालित हो रही है, जबकि आने वाला समय क्वांटम प्रौद्योगिकी का होगा। ऐसे में भारत को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए मजबूत अनुसंधान, नवाचार और कुशल मानव संसाधन तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी अकादमिक परियोजना के तहत स्थापित होने वाली इन प्रयोगशालाओं में क्वांटम कुंजी वितरण, क्वांटम कंप्यूटिंग सिमुलेशन, क्वांटम सेंसिंग तथा सुरक्षित संचार तकनीकों पर अनुसंधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल संचार व्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाएगी। इस अवसर पर उन्होंने एमएनआईटी को पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि संस्थान के विद्यार्थियों को अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण मंच का लाभ भी मिलेगा, जिसके माध्यम से वे त्रि-आयामी मॉडल पर चिप डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया और सेमीकंडक्टर तकनीक का व्यावहारिक अध्ययन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में विश्वभर में सेमीकंडक्टर डिजाइन विशेषज्ञों की बड़ी मांग होगी और भारत इस आवश्यकता को पूरा करने की क्षमता रखता है।

कार्यक्रम में एमएनआईटी में अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला स्थापित करने की भी घोषणा की गई। यह प्रयोगशाला उच्च क्षमता वाली संगणना सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगी तथा इसे राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित परियोजनाओं पर कार्य करने का अवसर मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने राजस्थान सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर तथा विधायक गोपाल शर्मा की उपस्थिति में एमएनआईटी परिसर में मेकर्स लैब का उद्घाटन भी किया। यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों को हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इसमें सेंसर, एम्बेडेड सिस्टम, कंप्यूटर हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों पर कार्य करने की सुविधाएं विकसित की गई हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, संरचनात्मक अभियांत्रिकी तथा पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं का प्रदर्शन किया। केंद्रीय मंत्री ने विद्यार्थियों के नवाचारों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य की तकनीकों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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