ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना को बड़ी सफलता, 3 नए चूजों का जन्म

14 Jun 2026 19:18:53
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ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना


नई दिल्ली, 14 जून (हि.स.)। ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना को रविवार के दिन बड़ी सफलता मिली है। पिछले कुछ दिनों में राजस्थान के एक जंगली क्षेत्र से एकत्र किए गए अंडों से तीन नए चूजों का जन्म हुआ है। इससे इस दुर्लभ पक्षी के संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रम को नई मजबूती मिली है।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने रविवार को एक्स पोस्ट पर बताया कि ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना के तहत कैप्टिव ब्रीडिंग कार्यक्रम के चौथे वर्ष में अब तक कुल 26 चूजे निकल चुके हैं। इनमें 18 चूजे कृत्रिम गर्भाधान, 4 प्राकृतिक प्रजनन और 4 जंगली क्षेत्रों से एकत्र किए गए अंडों से पैदा हुए हैं।

उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत जंगली क्षेत्रों से लिए गए अंडों के बदले राजस्थान में ‘जंपस्टार्ट इंटरवेंशन’ के माध्यम से तीन चूजों का जन्म कराया गया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की आनुवंशिक विविधता बढ़ाना और शिकारियों से होने वाले खतरे को कम करना है।

इस उपलब्धि के साथ संरक्षण केंद्र में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की कुल संख्या बढ़कर 94 हो गई है।

उल्लेखनीय है कि ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना राजस्थान सरकार द्वारा 5 जून 2013 को शुरू किया गया था जिसका उद्देश्य इस अत्यंत लुप्तप्राय राज्य पक्षी (गोडावण) को विलुप्त होने से बचाना है।

इस परियोजना के तहत संरक्षण प्रजनन केंद्र राजस्थान के जैसलमेर में डेज़र्ट नेशनल पार्क के पास 'सैम' और 'रामदेवरा' में स्थापित किए गए हैं। यहाँ कृत्रिम गर्भाधान जैसी तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों से अंडों को सेकर चूजों को सफलतापूर्वक पाला जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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