
मुरैना, 14 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार शाम को हेतमपुर स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से चार यात्रियों की मौत हो गई। आग लगने की अफवाह के बाद उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से नीचे उतरे चार यात्री दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। मरने वालों में तीन महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है।
रेलवे प्रबंधन के अनुसार, हादसा उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर हुआ। गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस रविवार शाम करीब शाम 4 बजे धौलपुर की ओर रवाना हुई थी। ट्रेन हेतमपुर और घेर रेलवे स्टेशन के बीच पहुंची थी, तभी कोच में अलार्म चेन पुलिंग की गई थी, जिसके कारण ट्रेन बीच सेक्शन में रुक गई।
इसी दौरान ट्रेन के एक कोच में मोबाइल ब्लास्ट जैसी अफवाह फैल गई, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। कई यात्रियों ने जल्दबाजी में ट्रेन से उतरना शुरू कर दिया। उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से उतरे कुछ यात्री पास की अप लाइन पर पहुंच गए। इसी दौरान गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर–सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस वहां से तेज रफ्तार में गुजर रही थी। ट्रैक पर मौजूद चार यात्री उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
मृतकों की पहचान बीकानेर के गेसोरा गांव निवासी बिरमा देवी (60) पत्नी गिरधारी गिरी गोस्वामी, उत्तर प्रदेश के आगरा के रुनकता निवासी शकुंतला सिंह (60), पत्नी भूरी सिंह, आगरा के सुल्तानगंज निवासी आफरीन (35), पत्नी नदीम और असद (4 वर्ष), पुत्र नदीम खान के रूप में हुई है। आफरीन और असद मां-बेटे थे।
घटना की जानकारी मिलते ही मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ तथा पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा सहित पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा तेज गति से राहत कार्य संचालित कराया। सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिये मुरैना लाये गये। पुलिस ने मृतकों के शव अंतिम संस्कार हेतु घर तक पहुंचाये जाने की व्यवस्था कर दी है।
पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि हमारी टीम सराय छोला और सिविल लाइन क्षेत्र में रेत भंडारण पर कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान एक चरवाहे ग्रामीण से सूचना मिली कि ट्रेन रुकी हुई है और कोई घटना हुई है। सूचना मिलते ही दोनों पुलिस टीमें मौके के लिए रवाना की गईं। यह घटना धौलपुर और मुरैना सीमा क्षेत्र में हुई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। मृतकों के परिजन को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
घटना के आधे घंटे तक दोनों रेलगाड़ी मौके पर ही खड़ी रहीं। मुरैना प्रशासन व पुलिस द्वारा राहत व बचाव कार्य के बाद दोनों रेलगाड़ी को सुरक्षा के साथ गतव्य के लिये रवाना किया गया। हादसे के बाद लगभग तीन घंटे तक अप-एण्ड डाउन ट्रैक बाधित रहा। रेलवे के राहत दल द्वारा ट्रैक से हटने के बाद आवागमन आरंभ कर दिया गया। झांसी से डीआरएम अनुरूद्ध कुमार अपना पूरा अमला लेकर मौके पर पहुंचे। रेल विभाग के आलाधिकारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।
ट्रेन से बागेश्वर धाम से लौट रही यात्री पूजा ने बताया कि कोच में मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह फैलते ही अफरा-तफरी मच गई। चेन पुलिंग के बाद ट्रेन रुकते ही यात्री घबराकर नीचे उतर गए और ट्रैक की ओर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही आरपीएस, जीआरपी और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। वहीं राजस्थान के बीकानेर निवासी हंसराज ने बताया कि हम बागेश्वर धाम से लौट रहे थे। मेरे साथ मेरी मौसी बिरमा देवी और पड़ोस के गांव का गणेश था। इस बीच आग लगने की किसी ने अफवाह फैला दी। हादसे में मौसी बिरमा देवी की मौत हो गई।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मुरैना जिले में हुई रेल दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने रेल हादसे में यात्रियों की असामयिक मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिजन के प्रति संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को शांति देने की प्रार्थना और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर