भारतीय राजदूत ने ओमान में एमटी जलवीर के चालक दल से मुलाकात की

15 Jun 2026 15:50:53
ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पिसे और एमटी जलवीर के भारतीय क्रू सदस्य


मस्कट, 15 जून (हि.स.)। ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पिसेने सोमवार को मस्कट में एमटी जलवीर के चालक दल के 20 भारतीय सदस्यों से मुलाकात की और उनकी सुरक्षित भारत वापसी की व्यवस्था की समीक्षा की। यह मुलाकात 11 जून को हुई घटना के बाद की गई, जिसमें जहाज प्रभावित हुआ था।

ओमान में भारतीय दूतावास ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि राजदूत ने जहाज के चालक दल के सदस्यों से बातचीत कर उनके सुरक्षित घर लौटने की कामना की। उन्होंने कहा कि भारतीय मिशन संकट में फंसे भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता और सहयोग प्रदान करने तथा उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

गाैरतलब है कि गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले टैंकर एमटी जलवीर के चालक दल के सभी 20 भारतीयों को ओमान के अधिकारियों के सहयोग से सुरक्षित रूप से किनारे लाया गया। घटना के बाद भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में रहा।

रिपोर्टों के अनुसार ओमान के तट के पास पिछले चार दिनों में भारतीय नाविकों वाले व्यापारी जहाजों से जुड़ी यह तीसरी गंभीर घटना थी। बीते 8 जून को एमटी मैरिवेक्स नामक पलाऊ-ध्वज वाले तेल टैंकर को निशाना बनाया गया था। जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके बाद एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई।

वहीं, 11 जून को एमटी जलवीर से जुड़ी घटना सामने आई, जिसके बाद ओमान में भारतीय दूतावास ने ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित रूप से तट पर लाया। एमटी जलवीर 20 भारतीय नागरिकों सहित चालक दल के 24 सदस्यों को ले जा रहे थे, जब ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक घटना का सामना करना पड़ा। जहाज पर सवार सभी लोगों को सुरक्षित बताया गया और बाद में स्थानीय अधिकारियों की सहायता से उन्हें तट पर लाया गया।

इस संबंध में भारत सरकार ने गुरुवार को कहा था कि एमटी सेटेबेलो, एमटी मैरिवेक्स और एमटी जलवीर से जुड़ी तीनों घटनाएं अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई से संबंधित थीं। इस घटनाक्रम को लेकर भारतीय अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और प्रभावित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

दूतावास ने कहा कि वह संकट में फंसे भारतीय नागरिकों को त्वरित सहायता और समर्थन देने और उनकी कल्याण एवं सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। -------------

हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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