तेहरान, 16 जून (हि.स.)। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर जारी कूटनीतिक गतिविधियों के बीच ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि लेबनान से इजराइली सेना की वापसी किसी भी व्यापक समझौते का अहम हिस्सा होनी चाहिए। ईरान का कहना है कि क्षेत्रीय संघर्ष एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और स्थायी शांति के लिए लेबनान के मुद्दे का समाधान आवश्यक है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में विदेशी राजदूतों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान शुरू से ही लेबनान में संघर्ष समाप्त करने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल मानता रहा है। उनके अनुसार, क्षेत्र में जारी तनाव और युद्ध की परिस्थितियां परस्पर जुड़ी हुई हैं, इसलिए किसी भी शांति प्रक्रिया को व्यापक दृष्टिकोण के साथ देखा जाना चाहिए।
अराघची ने कहा कि जब तक युद्ध के दौरान कब्जाए गए क्षेत्रों से इजराइली सेना की वापसी नहीं होती, तब तक संघर्ष की समाप्ति को पूर्ण नहीं माना जा सकता। उन्होंने संकेत दिया कि लेबनान की स्थिति को नजरअंदाज कर किसी भी समझौते को टिकाऊ शांति का आधार नहीं बनाया जा सकता।
हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित समझौते में इजराइल की लेबनान से सैन्य वापसी शामिल नहीं है। दूसरी ओर, इजराइली नेतृत्व भी दक्षिणी लेबनान से सेना हटाने के पक्ष में दिखाई नहीं दे रहा है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही संकेत दे चुके हैं कि सुरक्षा कारणों से उनकी सेना अपनी तैनाती जारी रखेगी।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाल के दिनों में लेबनान में बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति प्रयासों को सफल बनाने के लिए सभी पक्षों को संयम बरतना होगा और लेबनान से जुड़े मुद्दों पर जिम्मेदार रवैया अपनाना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय