(फोटो- हटाकर पुनः जारी)
नई दिल्ली, 16 जून (हि.स.)। दिल्ली‑एनसीआर में चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे और दिल्ली के आसपास एक आधुनिक सब‑सिटी 'नमो सिटी' बनाई जाएगी। यह निर्णय मंगलवार को नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) की 42वीं बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने की। बैठक में एनसीआर के विकास, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
मनोहर लाल ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि रीजनल प्लान 2041 को अगले दो महीनों में अंतिम रूप देकर लागू कर दिया जाएगा। एनसीआर की मौजूदा सीमाओं में कोई बदलाव नहीं होगा। योजना के तहत हर राज्य में एक बड़ा शहर ग्रीनफील्ड 'नमो नोड' के रूप में विकसित किया जाएगा। दिल्ली के आसपास बनने वाली 'नमो सिटी' को अत्याधुनिक शहरी सुविधाओं और बेहतर बुनियादी ढांचे से लैस किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एनसीआर का क्षेत्रफल लगभग 55,000 वर्ग किलोमीटर है जिसमें 32 जिले शामिल हैं। इस क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने के लिए नई नीतियां लागू की जाएंगी। बैठक में अरावली क्षेत्र के संरक्षण पर भी चर्चा हुई। मौजूदा जंगलों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ग्रीन कवर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण पर भी अहम निर्णय लिए गए। बीएस‑1, बीएस‑2 और बीएस‑3 वाहनों को सड़कों से हटाने और बीएस‑6 मानक वाले वाहनों को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। इसके लिए 'परिवर्तन योजना' लागू की जाएगी, जिसके तहत पुराने वाहनों को स्क्रैपिंग के लिए भेजा जाएगा और नए वाहनों की खरीद पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। बीएस‑3 वाहन 2010 से चल रहे हैं और अब 16 वर्ष पुराने हो चुके हैं, इसलिए इन्हें चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाया जाएगा।
यातायात दबाव कम करने और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए मेट्रो और नमो भारत रेल नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया गया। प्रस्ताव में एनसीआर के चार बड़े शहरों को नमो भारत परियोजना से जोड़ने की बात कही गई है, जिसके लिए लगभग 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार एनसीआर की मौजूदा आबादी लगभग 75 मिलियन है, जो अगले 15 वर्षों में दोगुनी हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए परिवहन, आवास और बुनियादी ढांचे के लिए दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री एके शर्मा, राजस्थान के शहरी विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और योजनाकार मौजूद रहे। मनोहर लाल ने कहा कि यह योजना एनसीआर के विकास को नई दिशा देगी और आने वाले वर्षों में क्षेत्र की बढ़ती आबादी और जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / पवन कुमार