आरआरयू और बंगाल पुलिस के बीच समझौता, 100 पुलिसकर्मियों को मिलेगा साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण

18 Jun 2026 19:13:54
आरआरयू


कोलकाता, 18 जून (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन संस्थान राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) ने पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ प्रशिक्षण, अनुसंधान और क्षमता निर्माण को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य आंतरिक सुरक्षा और कानून प्रवर्तन के उभरते क्षेत्रों में पुलिस बल की परिचालन क्षमता तथा संस्थागत तैयारी को सुदृढ़ बनाना है।

समझौते के तहत पश्चिम बंगाल पुलिस के 100 कर्मियों को अगले 15 दिनों के भीतर राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में विशेष साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य तकनीक आधारित अपराधों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए पुलिस बल की साइबर जांच, साइबर अपराध से निपटने और डिजिटल सुरक्षा संबंधी क्षमताओं को और अधिक मजबूत बनाना है।

यह सहयोग पुलिस प्रशिक्षण प्रणाली के आधुनिकीकरण, पेशेवर उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा विशेष शिक्षा, अनुसंधान, क्षमता निर्माण और ज्ञान-साझाकरण कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस साझेदारी से पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के कर्मियों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े समकालीन प्रशिक्षण और विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।

कोलकाता में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) कल्पेश एच. वंद्रा तथा अधिष्ठाता डॉ. जसबीर कौर थडानी ने इस समझौते के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पहल विशेष पुलिस प्रशिक्षण, संयुक्त अनुसंधान और संस्थागत सुदृढ़ीकरण को नई दिशा प्रदान करेगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय देश का प्रमुख संस्थान है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, पुलिसिंग, आपराधिक न्याय, साइबर सुरक्षा, न्यायिक विज्ञान तथा सामरिक अध्ययन के क्षेत्रों में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के लिए समर्पित है। गृह मंत्रालय के अधीन स्थापित यह विश्वविद्यालय देश की बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप नीति निर्माण और पेशेवर प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य शैक्षणिक उत्कृष्टता, क्षेत्रीय प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुसंधान के समन्वय से भविष्य के लिए तैयार राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र का निर्माण करना है। इसके विभिन्न पाठ्यक्रम कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सुरक्षा संगठनों और सार्वजनिक संस्थानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

गुजरात के गांधीनगर स्थित लवाद परिसर में विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर है, जबकि देश के विभिन्न हिस्सों में इसके क्षेत्रीय परिसर संचालित हैं। विश्वविद्यालय पुलिसकर्मियों, सुरक्षा विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों और जांच एजेंसियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करता है, जिनमें कक्षा आधारित अध्ययन, सिमुलेशन, व्यावहारिक अभ्यास और क्षेत्रीय प्रशिक्षण शामिल होते हैं।

विश्वविद्यालय नेतृत्व ने विश्वास व्यक्त किया कि पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ यह साझेदारी आधुनिक, जवाबदेह और ज्ञान-आधारित पुलिसिंग व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी तथा प्रशिक्षण, अनुसंधान और संस्थागत क्षमता निर्माण के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को और अधिक मजबूत बनाएगी।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

Powered By Sangraha 9.0