मुंबई, 18 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्रालय ने गुरुवार को शिवसेना यूबीटी के छह बागी सांसदों को वाई प्लस सुरक्षा दिए जाने की घोषणा की है। साथ ही इन सभी सांसदों के घर पर 24 घंटे पुलिस रखने की भी व्यवस्था की गई है। हालांकि आज सूबे के कई जिलों में इन सभी छह सांसदों के खिलाफ शिवसेना यूबीटी के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। शिवसेना यूबीटी की ओर से इन सभी छह सांसदों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
शिवसेना यूबीटी की ओर से आज दिल्ली में सभी नौ सांसदों की मीटिंग बुलाई गई थी, लेकिन इनमें से सिर्फ तीन सांसद उपस्थित थे। इसके बाद इन सभी छह बागी सांसदों को पार्टी की ओर से सात दिन का समय देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। हालांकि शिवसेना शिंदे समूह के एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया है कि शिवसेना यूबीटी के सभी छह बागी सांसद उनकी पार्टी में शामिल हो गए हैं।
दिल्ली में सांसदों की मीटिंग के बाद शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सदस्य और प्रवक्ता संजय राऊत ने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता बागी सांसदों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद परभणी, वाशिम, बीड में शिवसेना यूबीटी के कार्यकर्ता आक्रामक हो गए। सोनपेठ में शिवसेना यूबीटी के कार्यकर्ताओं ने बागी सांसद संजय जाधव की मूर्ति को चप्पलों की माला पहनाकर विरोध किया। साथ ही उनकी मूर्ति का एक सिंबॉलिक अंतिम संस्कार जुलूस निकाला गया और छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर मूर्ति को जला दिया गया। बीड में भी ठाकरे ग्रुप के कार्यकर्ताओं ने छह बागी सांसदों के सिंबॉलिक पुतले जलाकर अपना गुस्सा दिखाया। वाशिम में यवतमाल-वाशिम लोकसभा सीट के सासंद संजय देशमुख के पुतले पर कालिख पोतकर और उसे जूतों से पीटकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
इस बीच जोरदार विरोध को देखते हुए राज्य खुफिया विभाग ने अब इन 6 बागी सांसदों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा फैसला लिया है और सभी 6 बागी सांसदों के लिए तुरंत वाई-प्लस सिक्योरिटी लागू कर दी गई है। यह भी निर्देश दिया गया है कि पुलिस उनके घरों के बाहर और 24 घंटे उनके साथ मौजूद रहेगी। बागी सांसदों की इस बगावत के बाद राज्य में राजनीति और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव