एनसीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा मार्गदर्शन के लिए 'प्रोजेक्ट सुपर 50' किया शुरू

19 Jun 2026 20:29:54
त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू के साथ अन्य लोग मौजूद।


नई दिल्ली, 19 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग(एनसीएससी) ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में सिविल सेवा परीक्षा मार्गदर्शन कार्यक्रम प्रोजेक्ट सुपर 50 का सफलतापूर्वक शुरू किया।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य विषय (थीम) मार्गदर्शन, सलाह देना और सशक्तिकरण रखा गया था। यह परियोजना अनुसूचित जाति (एससी) के युवाओं को शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा और ठोस कदम है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू ने देश के संविधान निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर के दृष्टिकोण और विजन का आह्वान किया। राज्यपाल ने सिविल सेवा उम्मीदवारों को परीक्षा की तैयारी के गुर सिखाए, भारत में सिविल सेवा के इतिहास पर प्रकाश डाला और सफलता हासिल करने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर विस्तृत मार्गदर्शन साझा किया।

एनसीएससी के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने आयोग के गठन, इसके जनादेश, शक्तियों और अनुसूचित जातियों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण में एनसीएससी की अहम भूमिका के बारे में विस्तार से बताया।

डॉ. पार्थ बिस्वास (सदस्य, एनसीएससी) ने देश के युवाओं से डॉ. बी.आर. अंबेडकर के प्रेरणादायक मंत्र शिक्षित हो, संगठित हो, आंदोलन करो को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

गुडे श्रीनिवास (सचिव, एनसीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को परीक्षा के तनाव से निपटने और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कई बहुमूल्य सुझाव दिए।

इस अवसर पर आयोग के सदस्य वड्डेपल्ली रामचंदर भी उपस्थित रहे और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। इस मौके पर आमंत्रित वरिष्ठ आईएएस और आईआरएस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने उम्मीदवारों के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव, परीक्षा पास करने की रणनीतियाँ और प्रशासनिक जीवन के व्यावहारिक पहलुओं को खुलकर साझा किया।

आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार प्रोजेक्ट सुपर 50 का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित वर्ग के होनहार छात्रों को सही दिशा और संसाधन प्रदान करना है, ताकि वे देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं में अपनी जगह बना सकें।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सिविल सेवा उम्मीदवारों, सेवारत सिविल सेवकों और शिक्षाविदों ने भाग लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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