नाइजर में एयरपोर्ट पर आतंकी हमला, 11 सैनिकों की मौत, 22 दहशतगर्द ढेर

19 Jun 2026 07:36:53
नाइज सेना के सैनिक देश के दक्षिण में नाइजीरिया के साथ लगती सीमा पर गश्त करते। फाइल फोटो - इंटरनेट मीडिया


नियामी (नाइजर), 19 जून (हि.स.)। नाइजर की राजधानी नियामी में डियोरी हमानी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार तड़के आतंकवादी हमला हुआ है।

एयरपोर्ट पर एक घंटे से ज्यादा समय तक धमाके और गोलीबारी होती रही। नाइजर गणराज्य की सैन्य सरकार की शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया कि हमले में 11 सैनिक और 22 आतंकवादी मारे गए।

अंग्रेजी भाषा के समाचार पत्र 'प्रीमियर टाइम्स' नाइजीरिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में दो आम नागरिकों की भी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह गोलीबारी एयरपोर्ट के मुख्य प्रवेश द्वार के पास शुरू हुई। इसके बाद सुरक्षा बलों को सारे परिसर को घेर लिया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि सेना की घेराबंदी के बाद आतंकवादी इधर-उधर भागने लगे। नाइजर की सेना ने दहशतगर्दों का पीछा किया। भागते समय आतंकवादी हथियारों का जखीरा वहीं छोड़ गए थे। अभी तक किसी भी समूह ने एयरपोर्ट पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इसी साल जनवरी में इसी एयरपोर्ट पर ऐसी ही एक घटना हो चुकी है।

इस्लामिक स्टेट इन द साहेल से जुड़े हथियारबंद आतंकवादियों ने मोर्टार और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए कई तरफ से हमला किया था। उन्होंने नागरिक टर्मिनल और उससे सटे एयर बेस 101, दोनों को निशाना बनाया था। यह एयर बेस देश के सैन्य अभियानों के लिए एक अहम रणनीतिक केंद्र है। जनवरी के हमले में नाइजर की सेना के साथ रूसी अफ्रीका कॉर्प्स के लड़ाके भी थे। इन्होंने कई आतंकवादियों को मार गिराते हुए कुछ जीवित पकड़ लिया था। इस हमले में रनवे, सैन्य वाहनों और कमर्शियल विमानों को भी भारी नुकसान पहुँचाया।

नाइजर एक दशक से ज्यादा समय से संगठित इस्लामी उग्रवादी विद्रोह का सामना कर रहा है। अपने पड़ोसी देशों माली और बुर्किना फासो की तरह नाइजर में भी सैन्य शासन है। इस सैन्य सरकार ने व्यापक क्षेत्रीय हिंसा को निर्णायक रूप से खत्म करने का वादा करते हुए सत्ता पर कब्जा किया था। नाइजर हिंसक चरमपंथ के ख़िलाफ एक जटिल और कई मोर्चों पर लड़ी जा रही लड़ाई के केंद्र में है। चरमपंथ ने 2010 के दशक के मध्य से ही पूरे साहेल क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है।

इस समय नाइजर को अलग-अलग तरह के विद्रोही समूहों का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम में (माली और बुर्किना फासो की सीमाओं के पास), यह आईएस-साहेल और अल-कायदा से जुड़े जेएनआईएम से लड़ रहा है। दक्षिण-पूर्व में (लेक चाड के पास), यह बोको हराम और इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस से मुकाबला कर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

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