दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति माशातिले ने राष्ट्रपति मुर्मु से की मुलाकात, दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देने पर सहमति

02 Jun 2026 21:01:53
नई दिल्ली में सोमवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करते दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति शिपोकोसा पॉलस माशातिले।


नई दिल्ली, 02 जून (हि.स.)। दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति शिपोकोसा पॉलस माशातिले ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंधों को और मजबूत बनाने, व्यापार बढ़ाने तथा वैश्विक दक्षिण के हितों को आगे बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत की पहली यात्रा पर आए माशातिले का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के संबंध ऐतिहासिक और समकालीन दोनों दृष्टियों से विशेष महत्व रखते हैं। उन्होंने कहा कि साझा मूल्यों और पारस्परिक सम्मान पर आधारित दोनों देशों की बहुआयामी साझेदारी लगातार मजबूत हुई है। वर्ष 1997 में दक्षिण अफ्रीका पहला देश था, जिसके साथ भारत ने रणनीतिक साझेदारी स्थापित की थी।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका हमेशा वैश्विक दक्षिण की मजबूत आवाज रहे हैं। दोनों देशों का उपनिवेशवाद विरोधी संघर्ष का साझा इतिहास रहा है। संयुक्त राष्ट्र, गुटनिरपेक्ष आंदोलन और जी-20 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देश न केवल अपने नागरिकों बल्कि व्यापक वैश्विक दक्षिण के लिए शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिलकर काम कर रहे हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु ने दोनों देशों के बीच लगभग 15.5 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसकी संभावनाएं इससे कहीं अधिक हैं। उन्होंने दोनों देशों की कंपनियों के लिए निवेश और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु अनुकूल नीतिगत वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि भारत अफ्रीका के साथ अपनी साझेदारी को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन के शीघ्र आयोजन के लिए अफ्रीकी संघ आयोग के साथ मिलकर कार्य करेगा।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच घनिष्ठ सहयोग से दोनों देशों के लोगों को व्यापक लाभ मिलेगा तथा वैश्विक दक्षिण के हितों को और मजबूती मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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