महाराष्ट्र-फिनलैंड साझेदारी सतत विकास, नवाचार और विश्वास पर आधारितः फिनलैंड के महावाणिज्यदूत

02 Jun 2026 23:00:53

मुंबई, 02 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार और फिनलैंड ने समझौता किया है। ‘वेस्ट टू वैल्यू’ साझेदारी को मजबूती दी गई है। वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026 से पहले मुंबई में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में दोनों पक्षों ने संसाधनों के उपयोग, स्वच्छ ऊर्जा, पुनर्चक्रण आधारित औद्योगिक विकास और जलवायु-अनुकूल अवसंरचना पर जोर दिया। इस पर फिनलैंड के महावाणिज्यदूत एरिक अफ हॉलस्ट्रॉम ने कहा कि महाराष्ट्र और फिनलैंड के बीच साझेदारी सतत विकास, नवाचार और विश्वास पर आधारित है।

फिनलैंड के महावाणिज्य दूतावास और एमएमआरडीए द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत, स्टार्टअप्स, नवाचार विशेषज्ञों और सतत विकास क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हाल ही में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की भारत यात्रा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई चर्चाओं का जिक्र किया गया। महाराष्ट्र राज्य सीबीजी नीति के तहत वर्ष 2026-27 में कचरे से ऊर्जा उत्पादन और स्वच्छ ईंधन परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपए के प्रावधान को महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

महाराष्ट्र के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रकृति का पूरा तंत्र चक्रों पर आधारित है और सतत विकास का अर्थ संसाधनों का अधिकतम पुनः उपयोग व अपशिष्ट को न्यूनतम करना है। उन्होंने कहा कि फिनलैंड का अनुभव और महाराष्ट्र की नवोन्मेषी नीतियां मिलकर सतत विकास के नए मानक स्थापित कर सकती हैं।

एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि भारत और महाराष्ट्र ने सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा के वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय होने से पहले ही इसके सिद्धांतों को व्यवहार में अपनाया था। उन्होंने धारावी को दुनिया के सबसे प्रभावशाली सर्कुलर इकोनॉमी मॉडलों में से एक बताते हुए कचरा संग्रहकर्ताओं और स्वच्छता कर्मियों की भूमिका को भी रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि एमएमआरडीए की 337 किलोमीटर लंबी मेट्रो नेटवर्क सहित विभिन्न अवसंरचना परियोजनाएं सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देकर ईंधन की बचत और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में योगदान देंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

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