मनोहर लाल ने उज्जैन में किया सिंहस्थ 2028 के निर्माण कार्यों का निरीक्षण

20 Jun 2026 16:58:53
उज्जैन में सिंहस्थ के घाट निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री


उज्जैन में सिंहस्थ के घाट निर्माण कार्यों की जानकारी देते हुए एसीएस


उज्जैन में कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री


उज्जैन में कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री


उज्जैन में सिंहस्थ के घाट निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री


कपिला गौशाला का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री


कपिला गौशाला में गाय का पूजन करते हुए मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री


उज्जैन में घाट निर्माण कार्यों का निरीक्षण के दौरान पौधरोपण करते हुए मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री


मुख्यमंत्री बोले-प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सिंहस्थ-2028 को भव्य-दिव्य बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही सरकार

उज्जैन, 20 जून (हि.स.)। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को उज्जैन में सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 778 करोड़ रुपये राशि की लागत से किए जा रहे 29.15 किमी लंबे नवीन घाट निर्माण कार्य का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ-2028 को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का सिंहस्थ अनुभव सनातन संस्कृति के वैभव अनुरूप हो।

अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने नवनिर्मित त्रिवेणी घाट के निरीक्षण के दौरान सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए किए जा रहे नवीन घाट निर्माण कार्य की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 29.15 किमी नवीन घाट निर्माण कार्य 778 करोड़ रुपये राशि से किया जा रहा है। नवीन घाटों पर श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए 150 से अधिक स्थान चिन्हित किए गए हैं। नवीन घाट निर्माण कार्य अंतर्गत 18.20 किमी लंबी रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जा चुका है, साथ ही 7 किमी नवीन घाट निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। लगभग 22 किमी में घाट निर्माण कार्य तेजी से प्रगतिरत है।

निरीक्षण के दौरान, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व तुलसीराम सिलावट ने त्रिवेणी घाट पर नीम, रुद्राक्ष, पीपल के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश वृक्षों और वनों से आच्छादित रहे, यह सरकार की प्राथमिकता है।

कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का निरीक्षण, टनल में उतर कर देखी गुणवत्ता

केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री ने शनिवार को कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने परियोजना के टनल भाग में उतरकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान चिंतामन जवासिया गांव के समीप स्थित शाफ्ट नंबर-2 पर फेस नंबर-3 के कार्य की विस्तृत जानकारी ली। एसीएस डॉ. राजेश राजौरा ने योजना की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इसके अलावा टनल पहुंच एवं रखरखाव संबंधी तकनीकी पहलुओं की जानकारी भी दी गई।

उल्लेखनीय है कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य कान्ह नदी के दूषित जल को शहर में शिप्रा नदी के प्रमुख घाटों एवं तीर्थ स्थलों में मिलने से रोकना है, जिससे शिप्रा नदी का जल पवित्र एवं स्वच्छ बना रहे। परियोजना के अंतर्गत ग्राम जमालपुरा, तहसील उज्जैन में कान्ह नदी पर एक बैराज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे दूषित जल को क्लोज डक्ट के माध्यम से 30.15 किमी की दूरी तय कर गम्भीर बांध के डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जाएगा।

परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति राशि 919.94 करोड़ रुपये है। इसकी कुल लंबाई 30.15 किमी (कट एंड कवर डक्ट: 18.15 किमी + टनल: 12.00 किमी) है। टनल भाग में 4 शाफ्टों का निर्माण पहुंच एवं सफाई-रखरखाव के लिए किया गया है। डक्ट का डी-आकार का क्रॉस सेक्शन, अधिकतम 40 क्यूमेक्स दूषित जल की निकासी क्षमता का है। परियोजना को आगामी 25 वर्ष तक की जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।

वर्तमान में बैराज का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा हेड रेगुलेटर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। कट एंड कवर भाग की कुल 18.15 किमी लंबाई में से 4.50 किमी में प्री-कास्ट सेगमेंट्स का लेइंग कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष कार्य प्रगति पर है। 18.15 किमी में से 10.30 किमी लंबाई में लेइंग करने योग्य प्री-कास्ट सेगमेंट्स तैयार किए जा चुके हैं। टनल भाग के निर्माण हेतु चारों शाफ्टों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। टनल की कुल 12.00 किमी लंबाई में से 8.15 किमी की खुदाई कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष कार्य प्रगति पर है।

कपिला गौशाला पहुंचकर किया गौ पूजन

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री ने शनिवार को ग्राम रत्नाखेड़ी स्थित कपिला गौशाला पहुंचकर गौ-माता की पूजा कर पशु आहार खिलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने गौशाला के प्रस्तावित कार्य के बारे में मानचित्र के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश शासन द्वारा स्थानीय निकायों के माध्यम से गौशाला संचालन का मॉडल विकसित किया गया है। इसके तहत नगरीय एवं ग्रामीण निकायों को गौशाला संचालन के लिए आवश्यक सहयोग एवं सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही बड़े स्तर पर सामुदायिक गौशाला संचालित करने के इच्छुक संस्थानों एवं व्यक्तियों को भी शासन द्वारा प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कपिला गौशाला, रत्नाखेड़ी में अनुमानित लगभग 2000 गौवंश को रखने की क्षमता विकसित की जा रही है। अच्युतानंद महाराज के सहयोग से गौ सेवा एवं गौ संरक्षण के प्रति जनभागीदारी लगातार बढ़ रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर सहित विभिन्न नगरों में लोग अपने जन्मदिन एवं अन्य विशेष अवसरों पर गौशालाओं में जाकर गौ सेवा करते हैं, जिससे गौ सेवा के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ी है। निर्माण कार्यों के निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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