
तूतीकोरिन, 20 जून (हि.स.)। ओमान में जहाज पर कार्य के दौरान मृत हुए तूतीकोरिन निवासी नाविक निशांत के परिवार से शनिवार को तमिलनाडु के मत्स्य पालन मंत्री श्रीनाथ ने मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। मंत्री ने शोक संतप्त परिवार को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार मृतक का शव शीघ्र भारत लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और परिवार की मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा।
तूतीकोरिन के रहने वाले जहाजी नाविक निशांत का 11 जून को ओमान में एक जहाज पर कार्य के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने से निधन हो गया था। मृत्यु के बाद स्थानीय स्तर पर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई और वर्तमान में उनका शव ओमान की राजधानी मस्कट में रखा गया है। घटना के बाद से ही परिवार लगातार शव को भारत लाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
निशांत की पत्नी सारोबिन तथा अन्य परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना में लापरवाही की आशंका है और उनकी मृत्यु की परिस्थितियों की विस्तृत जांच कराई जानी चाहिए। परिवार ने मांग की है कि संबंधित शिपिंग कंपनी की भूमिका की जांच हो तथा यदि लापरवाही सिद्ध होती है तो कंपनी द्वारा एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द शव को उनके गृह नगर पहुंचाने की मांग की है।
परिजनों ने यह भी आग्रह किया है कि परिवार के एक सदस्य को तमिलनाडु सरकार में नौकरी दी जाए, ताकि परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके। निशांत अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे और उनके निधन के बाद परिवार गहरे आर्थिक एवं मानसिक संकट से गुजर रहा है।
इसी क्रम में शनिवार को मंत्री श्रीनाथ ने निशांत के घर पहुंचकर उनकी पत्नी सारोबिन और अन्य परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि तमिलनाडु सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगी।
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री श्रीनाथ ने कहा कि राज्य सरकार के संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और भारतीय दूतावास के माध्यम से भी लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि निशांत के शव को अगले दो दिनों के भीतर तूतीकोरिन लाने के लिए सभी जरूरी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।
मंत्री ने कहा कि दूतावास अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों से बातचीत कर परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही मृत्यु के कारणों और परिस्थितियों को लेकर परिवार की चिंताओं को भी संबंधित स्तर पर उठाया जाएगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि तमिलनाडु सरकार निशांत की पत्नी सारोबिन को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप उपयुक्त सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई करेगी। इसके अलावा उनके दो बच्चों की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार तथा मत्स्य पालन विभाग की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
मंत्री श्रीनाथ ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल राहत देना नहीं है, बल्कि परिवार के दीर्घकालिक पुनर्वास और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाना भी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार परिवार की सभी वैध मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी और उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV