जयपुर में जैश-ए-मोहम्मद की महिला स्लीपर सेल गिरफ्तार, पाकिस्तान कनेक्शन की जांच तेज

22 Jun 2026 19:41:53
जयपुर में जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला स्लीपर सेल गिरफ्तार


जयपुर, 22 जून (हि.स.)। राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने राजधानी जयपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से कथित रूप से जुड़ी एक महिला को गिरफ्तार किया है। यह महिला पिछले कई महीनों से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थी। वह सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों और कट्टरपंथी नेटवर्क के संपर्क में थी।

मिलिट्री इंटेलिजेंस से प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में एटीएस ने बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा (37) को जयपुर के वाटिका क्षेत्र से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर क्षेत्र की रहने वाली महिला वर्तमान में जयपुर में अपने सेवानिवृत्त पिता के साथ रह रही थी। एटीएस के अनुसार महिला के व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पाकिस्तान सहित विदेशी नंबरों से बातचीत के संकेत मिले हैं। उसकी फ्रेंड लिस्ट में ऐसे कई प्रोफाइल पाए गए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद और अन्य उग्रवादी संगठनों से संबंधित सामग्री, झंडे और हथियारबंद आतंकियों की तस्वीरें मौजूद थीं।

एटीएस के पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि एजेंसियों को आशंका है कि महिला को कट्टरपंथी विचारधारा के जरिए प्रभावित कर आतंकी संगठन के लिए तैयार किया जा रहा था। जांच में महिला के मोबाइल फोन से दो सिम कार्ड, सोशल मीडिया अकाउंट और कई विदेशी संपर्कों के प्रमाण मिले हैं। एटीएस को शक है कि महिला को नेपाल, सऊदी अरब या संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रास्ते पाकिस्तान पहुंचाने की तैयारी की जा रही थी। महिला के मोबाइल से पाकिस्तान को कुछ दस्तावेज और अन्य जानकारियां भेजे जाने के संकेत भी मिले हैं। हालांकि उसने मोबाइल का काफी डेटा डिलीट कर दिया था, जिसे अब फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से रिकवर किया जा रहा है।

एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि पिछले छह-सात महीनों से महिला का धर्म परिवर्तन कराने और उसके माध्यम से भारत में गतिविधियां संचालित करने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि सभी तथ्यों की डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुष्टि की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि महिला केवल ऑनलाइन संपर्कों तक सीमित थी या किसी बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा भी थी। सूत्रों के अनुसार महिला का संपर्क जैश-ए-मोहम्मद के कथित प्रवक्ता एवं कमांडर कारी जरार सहित कुछ ऐसे लोगों से जुड़ा पाया गया है, जिनके संबंध पूर्व आतंकी घटनाओं से रहे हैं। जांच एजेंसियां उसके संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।

एजेंसियों के मुताबिक महिला ने ऑनलाइन कलमा पढ़कर धर्म परिवर्तन किया था और उसने अपना नाम ‘खदीजा’ रख लिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान स्थित एक मौलवी के संपर्क में आने के बाद उसे पाकिस्तान बुलाने और कथित तौर पर विवाह कराने की योजना बनाई जा रही थी। महिला को नमाज, कुरान और अन्य धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास भी किया गया। महिला को अदालत में पेश करने के बाद 27 जून तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एटीएस, केंद्रीय खुफिया एजेंसियां और अन्य सुरक्षा एजेंसियां उसके डिजिटल फुटप्रिंट, बैंकिंग गतिविधियों, विदेशी संपर्कों और नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं।

इससे पहले लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ भी फर्जी पहचान के साथ जयपुर में रह चुका है। उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकाह और पासपोर्ट बनवाया था तथा बाद में देश छोड़कर फरार हो गया। जांच एजेंसियों को उसके सऊदी अरब में छिपे होने की आशंका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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